राष्ट्रीय लोक अदालत में 2145 मामलों का निष्पादन

संवाद सहयोगी, साहिबगंज : राष्ट्रीय लोक अदालत ऐसा मंच है, जहां सभी विभाग के सुलहनीय मामलों का त्वरित निपटारा किया जाता है। इसमें न किसी की हार होती है और न की किसी की जीत। मामलों को कहीं चुनौती भी नहीं दी जा सकती। यह बातें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कहीं। वह शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व मनोज कुमार सिंह, डीसी रामनिवास यादव आदि ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंच संचालन प्राधिकार के सचिव धर्मेंद्र कुमार ने किया।

यहां डीसी ने कहा कि हमें आजादी के बाद स्वतंत्र न्यायपालिका प्राप्त हुई है जिस देश में न्यायपालिका स्वतंत्र होगी, वहां का लोकतंत्र मजबूत होगा। जिला अधिवक्ता संघ के सचिव विजय कर्ण ने किसानों की समस्याओं से डीसी को अवगत कराया। कहा कि किसानों को अंचल कार्यालय से जमीन राजस्व रसीद नहीं दिया जा रहा है। इससे किसानों को काफी कठिनाई हो रही है। साहिबगंज व राजमहल में आयोजित लोक अदालत में कुल 1486 वादों का निष्पादन किया गया। 16 करोड़, छह लाख 99, 534 रुपये का सेटलमेंट हुआ। साहिबगंज में आयोजित कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्रीप्रकाश दुबे, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम धीरज कुमार, विशेष न्यायाधीश सह जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शैलेंद्र कुमार, सिविल जज शेखर कुमार, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सह रजिस्टार आलोक कुमार सिंह, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार गुप्ता, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एसके वर्मा, सिविल जज राजेश कुमार श्रीवास्तव, चेयरमैन स्थाई लोक अदालत शिव कुमार शुक्ला, सदस्य शिव शंकर दुबे, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ प्रेम नाथ तिवारी आदि थे। उधर, राजमहल व्यवहार न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में छह बेंच के माध्यम से 639 वादों का निष्पादन किया गया। नेशनल लोक अदालत प्रारंभ करने के पूर्व सभी न्यायिक पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण कोर्ट के प्रांगण में आजादी के अमृत महोत्सव में भाग लिया और उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किया जिन्होंने अपनी प्राणों की आहुति देकर हिन्दुस्तान को स्वतंत्रता दिलाई।

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