रौनक की परीक्षा का पहला दिन था। रात में उसे ठीक से नींद भी नहीं आई। परीक्षा केंद्र के लिए निकलने से पहले मम्मी ने रौनक से कुछ खाने को बोला, लेकिन उसने कुछ नहीं खाया। सेंटर पहुंचने पर उसे भूख लगने लगी। उसने मॉम से बर्गर खाने की जिद की। बर्गर खाकर वह परीक्षा देने अंदर चला गया। पेपर देते समय रौनक को सुस्ती आने लगी और एकाएक झपकी लग गई। परीक्षक ने हिला कर जगाया तो वह घबरा गया और नर्वस हो गया। नतीजा यह हुआ कि जो आता था, वह भी नहीं लिख पाया।

रहना है अगर रिफ्रेश
दोस्तो, रौनक ने जो गलती की, वह आप कभी नहीं करना। परीक्षा के दिनों में आपका खाना ऐसा होना चाहिए, जिससे एनर्जी मिले, भारीपन न हो और नींद न आए ताकि आप अपना सौ प्रतिशत दे सकें। न्यूट्रशनिस्ट श्रुति टंडन कहती हैं, 'सबसे पहली बात तो यह है कि परीक्षाओं के दिनों में बच्चे या तो बिल्कुल नहीं खाते या फिर बहुत ज्यादा खाते हैं। ऐसे में ध्यान रखना है कि वे जो भी खाएं, वह रिफ्रेशिंग हो। ताजा तरल पदार्थ उनके लिए बहुत अच्छे हैं। नींबू पानी, फ्रेश जूस और नारियल पानी ले सकते हैं। यह पावर हाउस ऑफ मिनरल्स होते हैं।'

सब्जियां और इंस्टैंट एनर्जी
किसी भी चीज में ढेर सारी सब्जियां डाली गई हों तो वे आपको इंस्टैंट एनर्जी देंगी। इनमें कैलोरी भी नहीं होती। सब्जियां बैंक ऑफ विटामिन एंड मिनरल्स होती हैं। अगर आप फास्ट फूड भी खाना चाहें तो बहुत-सी सब्जियां डाल कर नूडल्स बनवा सकते हैं। बर्गर के लिए गेहूं के आटे के बन में सोया पेटीज डाल कर खा सकते हैं। परीक्षाओं में आपको अपने मेन्यूल में थोड़ा बदलाव करना चाहिए।

पांच मिनट वाट्सएप
सोशल मीडिया के दौर में आमतौर पर आप में से ज्यादातर किशोर अपने आराम के समय में भी स्मार्टफोन साथ रखते हैं और वाट्सएप, फेसबुक, स्नैपचैट, इंस्टाग्राम आदि में व्यस्त रहते हैं। यह आदत परीक्षा के दिनों में नुकसानजनक है। इस बारे में चाइल्ड काउंसलर पूनम कामदार कहती हैं, 'कई बच्चे कहते हैं कि हमारा रिलैक्सेशन टाइम है और वे वाट्सएप करने बैठ जाते हैं और एक घंटे का समय कब बीत जाता है, पता ही नहीं चलता। जो एकदम गलत है। इससे रिलैक्स नहीं होता, बल्कि आप ज्यातदा थक जाते हैं। हद से हद पांच मिनट तक वाट्सएप करें। वास्तव में आराम के समय में बच्चों/किशोरों को अपनी एनर्जी पढऩे के लिए बचानी है। नींद न आए तो भी आंख बंद कर लेट जाएं। अगर डॉक्टर आई टॉनिक देते हैं तो आंख में डाल कर आराम करें। हल्का-फुल्का खाएं। छोटे-छोटे ब्रेक लें। पांच मिनट के लिए उठें और पैरेंट्स, भाई-बहनों से हल्कीक-फुल्कीो बातें कर लें।'

तुलना न करें किसी से
मनीष की गणित की तैयारी पूरी थी, लेकिन एक दोस्त ने वाट्सएप पर कठिन सवाल डाल दिए, जिन्हें वह सॉल्व नहीं कर पाया। ऐसे में मनीष को लगा कि और बच्चों ने तो बहुत पढ़ा है, पर मेरी तैयारी ही कम है। इस बात से उसका आत्मविश्वाीस डगमगा गया। इसीलिए विशेषज्ञ खुद की किसी से तुलना न करने और दोस्तों के साथ तैयारी को ज्यादा डिस्कस न करने की सलाह देते हैं। आखिरी रिवीजन के लिए सिर्फ शॉर्ट प्वाइंट नोट्स पढऩे और नई चीज न शुरू करने के लिए कहते हैं।

कैसा हो खानपान

-थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाएं। 
-भरपूर सब्जियां और फल खाएं। 
-तली-भुनी चीजों से दूर रहें। 
-नियमित रूप से तरल पदार्थ लेते रहें। 
-कोल्ड ड्रिंक और ढेर सारी कॉफी न पिएं।

परीक्षा के दौरान अखरोट खाना बेहतर
खाने में प्रोटीन होना चाहिए। सैंडविच, पोहा व उपमा खा सकते हैं। सलाद, वेजिटेबल दलिया, मिक्सवेज इडली सही रहती हैं। जब बच्चे परीक्षा दे रहे होते हैं तो वे बादाम और अखरोट खा सकते हैं। इनको गुड़ में मिक्स करके हल्की मीठी टॉफी बनाई जा सकती है। यह प्रोटीन का स्रोत है। आंवला कैंडी से भी इंस्टैंट एनर्जी मिलती है। ग्रैन्यूला बार और एनर्जी बार भी खाए जा सकते हैं।
-श्रुति टंडन, न्यूट्रिशनिस्ट

नींद से मिलेगी पढऩे की एनर्जी
थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाएं। प्रोटीन से काफी देर तक भूख नहीं लगती। कार्बोहाइड्रेट्स कम कर दें। जूस और सूप हर बच्चे को सूट नहीं करता, इसलिए इसे एकदम से शुरू न करें। पहले ही आदत डाल लें, तो अच्छा। सुबह के नाश्ते में कॉर्न फ्लैक्स व स्प्राउट्स लें। पराठे से परहेज करें। बच्चे बंद कमरे में देर तक पढ़ते हैं, लेकिन हवा का बहाव बहुत जरूरी है, ऑक्सीजन जरूरी है। अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है इससे पढऩे की एनर्जी मिलेगी। कल क्या पढऩा है रात में ही लिख लें। आराम से सो जाएं। परीक्षाओं के बीच आउटिंग का प्रोग्राम न रखें। इससे काफी डिस्टर्बेंस हो जाता है। शाम को दोस्तों या सोसायटी के बच्चों के साथ वॉक कर लें।
-पूनम कामदार, चाइल्ड काउंसलर

 प्रस्तुति- यशा माथुर

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Posted By: Srishti Verma