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10वीं में फेल 2019 से IAS बनकर कर रही थी धोखाधड़ी, कोविड के दौर में बिल्डर के बेटे से कर ली शादी, अब खुली पोल तो हो गई जेल

Published: Wed, 09 Sep 2026 04:18 PM (IST)

10th फेल तृप्ति सिंह राजपूत ने ऐसा दिमाग लगाया कि वह 2019 से खुद को IAS अधिकारी बनकर लोगों से ...और पढ़ें

फेक आईएएस Tripti Singh Rajput अरेस्ट।

फेक आईएएस Tripti Singh Rajput अरेस्ट।

HighLights

  1. दसवीं में हो गई थी फेल लेकिन 2019 से IAS अधिकारी बन कर घूम रही तृप्ति।

  2. पति ने RTI दायर कर निकलवा ली सच्चाई।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश से हैरान करने वाला एक मामला सामने आया है जहां पर 2019 से एक फर्जी IAS अधिकारी तृप्ति सिंह राजपूत का अब भेद खुल गया है। भेद खुलने के बाद भोपाल कोर्ट ने फर्जी आईएएस बनकर धोखाधड़ी करने की आरोपी तृप्ति सिंह के साथ दूसरे आरोपी प्रखर और उसके ड्राइवर भूपेंद्र बैरागी को पुलिस रिमांड में भेज दिया है।

फर्जी IAS बनकर 1.5 करोड़ रुपये की कर ली ठगी

पुलिस की जांच में पता चला है कि तृप्ति ने खुद को 2019 से IAS अधिकारी घोषित कर दिया था। इसके बाद तृप्ति पर मध्य प्रदेश टूरिज्म (MPT) में ट्रेनी IAS अधिकारी और एडिशनल डायरेक्टर बनकर लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये ठगी करने का आरोप लगा है।

फर्जी IAS के बहाने बिल्डर के बेटे को फंसाया 

मूल रूप से वाराणसी की रहने वाली तृप्ति असल में 10वीं कक्षा में भी फेल हो गई थी। लेकिन उसके खुराफाती दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। एक बार कॉमन फ्रेंड के जरिये एक बिल्डर के बेटे से हुई मुलाकात के बाद उसने उससे बात आगे बढ़ाई। पहली बार फेसबुक पर भेजी गई रिक्वेस्ट को लड़के ने रिजेक्ट कर दिया लेकिन दूसरी में बार में वो लड़की के जाल में फंस गया।

पिता के मना करने के बाद भी कोविड के दौर में हो गई शादी

तृप्ति ने लड़के और उसके परिवार को IAS अधिकारी बताया। शुरू में लड़के के पिता इस रिश्ते से खुश नहीं थे लेकिन कोविड के दौरान उत्पन्न हुई परिस्थियों के बाद उन्होंने लड़के की शादी तृप्ति से करवा दी।

पिता के दोस्त के जरिये खुला राज

तृप्ति के ससुर के एक दोस्त सीनियर IAS अधिकारी हैं। एक बार वे एक प्रोग्राम में शामिल होने गए जहां पर बिल्डर के दोस्त और बहू दोनों को आना था लेकिन तृप्ति ने बहाना बनाकर आने से मना कर दिया। दूसरी बार फिर से तृप्ति ने एक और बार मिलने से मना किया तो उनको कुछ शक हुआ। इसके बाद जांच की गई तो पता चला तृप्ति झूठ बोल रही थी।

पति ने RTI दायर कर खोल दी पोल

शक होने के बाद तृप्ति के पति ने मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन में आरटीआई लगाकर तृप्ति की जानकारी हासिल की। इसके जबाव में उसे पता चला कि इस नाम से एकेडमी में कोई भी रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। जिसके बाद उसकी पोल खुल गई और अब वो पुलिस की गिरफ्त में है।

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