UP Universities Exam 2020: उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की परीक्षाओं को लेकर 2 जुलाई 2020 को बड़ा निर्णय लिया जाने वाला है। जिसमें विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षाएं निरस्त होने की संभावना दिख रही है। हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा अंतिम निर्णय 2 जुलाई को ही लिया जाने वाला है।

बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की परीक्षाओं के संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के लिए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया था। कमिटी ने प्रदेश में विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाएं रद्द करने की सिफारिश की है। साथ ही छात्रों को आगे की कक्षा में प्रोमोट करने का फॉर्मूला भी सुझाया है। वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने बताया कि कमिटी की रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय 2 जुलाई 2020 को लिया जाएगा। बता दें कि 1 जुलाई 2020 को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की गाइडलाइन जारी होने वाली है।

बता दें कि कमिटी ने छात्रों को अगली कक्षा में प्रोमोट करने के कई विकल्प सुझाए हैं। अब यूपी सरकार को तय करना कौन सा विकल्प अपनाया जाए। यदि सरकार कमिटी की सिफारिश मंजूर करती है, तो लगभग 48 लाख छात्रों को वैकल्पिक पद्धति के द्वारा अगली कक्षा के लिए प्रोमोट कर दिया जाएगा।

पूर्व में 30 जून के बाद परीक्षाएं शुरू करने की थी तैयारी

बता दें कि पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की परीक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया था। जिसके अनुसार राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 30 जून 2020 के बाद सेमेस्टर व वार्षिक परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने एक बयान भी जारी किया था। साथ ही निर्देश दिया था कि विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों की परीक्षाएं और बीएड 2020 की परीक्षा सफलता पूर्वक आयोजित करने के लिए सभी संस्थान महत्वपूर्ण व आवश्यक इंतजामों की तैयारियों पर ध्यान दें।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अलकोहल बेस्ड सैनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया था, ताकि कार्यक्रम स्थल में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के हाथों को कीटाणुरहित किया जा सके। बता दें कि उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सभी विश्वविद्यालयों से परीक्षा कार्यक्रम मांगा जा चुका था। वहीं कई विश्वविद्यालयों में कुछ ही परीक्षाएं शेष रह गई हैं। ऐसे में वहां जिन विषयों की परीक्षाएं हो चुकी हैं, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू करने को कहा गया था।

Posted By: Nandini Dubey

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