नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। UGC Guidelines for Final Year/Semester Exams 2020: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अंतिम वर्ष / सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए दिशा-निर्देश इस उद्देश्य के लिए आयोग द्वारा गठित कुहाड समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही जारी की जा सकती हैं। यूजीसी ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति आर. सी. कुहाड की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है जो कि देश भर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में फाइनल सेमेस्टर / ईयर की परीक्षाओं के आयोजन के बारे में अपने सुझाव देगी। माना जा रहा है कि कुहाड समिति की सिफारिशें आने के बाद ही यूजीसी गाइडलाइंस जारी की जा सकती हैं।

यूपी के विश्वविद्यालयों के लिए सरकार करेगी फैसला

यूजीसी गाइडलाइंस जल्द जारी किये जाने की अटकलों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार आज राज्य के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में फाइनल सेमेस्टर / ईयर की परीक्षाओं के बार में निर्णय लेगी। राज्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि 2 जून 2020 को परीक्षाओं के बारे में निर्णय लिया जाना है। ऐसे में माना जा रहा था कि राज्य सरकार यूजीसी गाइडलाइंस के अनुसार फैसला लेगी, लेकिन यूजीसी गाइडलाइंस के बिना क्या राज्य सरकार फैसला लेगी। बता दें कि राज्य के उच्च शिक्षा विभाग की एक समिति की रिपोर्ट में विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के आयोजन न किये जाने और छात्रों को बिना परीक्षा प्रोन्नत करने की सिफारिश की गयी है। इसी समिति की रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश राज्य सरकार को आज फैसला लेना है।

पंजाब में सभी यूनिवर्सिटी एग्जाम स्थगित

जहां देश भर के छात्र फाइनल ईयर और सेमेस्टर एग्जाम के लिए यूजीसी गाइडलाइन्स के इंतजार कर रहे हैं, वहीं पंजाब में सभी यूनिवर्सिटी एग्जाम स्थगित कर दिये गये हैं। फाइनल ईयर और सेमेस्टर एग्जाम के लिए यूजीसी गाइडलाइन्स के इंतजार के बीच राज्यों और विश्वविद्यालयों से खबरे आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के 18 विश्वविद्यालयों के 48 लाख छात्र कल राज्य सरकार की घोषणा से पूर्व यूजीसी गाइडलाइन्स के वेट कर रहे हैं तो वहीं, पॉन्डिचेरी यूनिवर्सिटी व अन्य ने परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा पहले ही कर दी है। दूसरी तरफ एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर राजस्थान, जीटीयू, आदि के परीक्षाएं रद्द करने के लिए छात्र गुहार लगा रहे हैं।

छात्र सोशल मीडिया साइट्स पर छात्र लगा रहे गुहार - ‘प्लीज...प्लीज, यूजीसी गाइलाइंस करो रिलीज’

फाइनल ईयर और सेमेस्टर एग्जाम गाइडलाइन्स का इंतजार कर रहे छात्र सोशल मीडिया साइट्स पर बार-बार यूजीसी से रिक्वेस्ट कर रहे हैं। कई यूजर्स ने तो आयोग को टैग करते हुए ‘प्लीज...प्लीज, यूजीसी गाइलाइंस करो रिलीज’ का बार-बार निवेदन कर रहे हैं। आज जारी होने वाली फाइनल ईयर और सेमेस्टर एग्जाम यूजीसी गाइडलाइन्स 2020 का असर वैसे तो पूरे देश के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों पर होगा।

यूजीसी की वेबसाइट पर 'एरर मैसेज'

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा आज फाइनल ईयर और सेमेस्टर एग्जाम यूजीसी गाइडलाइन्स 2020 जारी की जानी है, जिसे आयोग अपनी वेबसाइट ugc.ac.in पर जारी करेगा। फिलहाल यूजीसी की वेबसाइट काम नहीं कर रहा है और 'एरर मैसेज' शो कर रही है।

एचआरडी मंत्री ने कहा छात्रों को देनी होंगी परीक्षाएं

एक तरफ जहां फाइनल ईयर और सेमेस्टर एग्जाम यूजीसी गाइडलाइन्स 2020 के आज जारी होने का होने का इंतजार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने सम्बन्धित मामलें पर 24 जून को कहा था कि अंतिम वर्ष या सेमेस्टर के छात्रों को परीक्षाएं देनी होंगी। ऐसे में क्या फाइनल ईयर और सेमेस्टर के देश भर के लाखों छात्रों को एग्जाम से राहत मिलेगा, इसका फैसला आज यूजीसी गाइडलाइन्स 2020 से हो जाएगा।

यूजीसी आज जारी कर सकता है फाइनल ईयर और सेमेस्टर एग्जाम गाइडलाइन्स

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) देश भर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षाओं को लेकर गाइडलाइन्स आज जारी कर सकता है। फाइनल ईयर और सेमेस्टर एग्जाम यूजीसी गाइडलाइन्स 2020 को आयोग द्वारा ऑफिशियल वेबसाइट, ugc.ac.in पर जारी किया जाएगा। कोरोना वायरस (कोविड-19) और लॉक डाउन के कारण बाधित हुई परीक्षाओं के आयोजन के मद्देनजर बनी उहापोह की स्थिति के बीच आयोग द्वारा अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं के आयोजन या किसी विकल्प को लेकर दिशा-निर्देश आज जारी किये जाने हैं।

पहले भी जारी हुए थे परीक्षाओं के लिए यूजीसी गाइडलाइन्स

बता दें कि इससे पहले भी यूजीसी ने 30 अप्रैल 2020 को विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में नये सत्र के लिए कैलेंडर और दिशा-निर्देश जारी किये थे, जिसके मुताबिक कोविड-19 महामारी और लॉक डाउन के कारण बाधित हुई नये सेशन और दाखिले की प्रक्रियाओं के मद्देनजर वर्तमान छात्रों के लिए 1 अगस्त से और नये दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए 1 सितंबर से सत्र आरंभ करने के लिए कहा गया है। साथ ही, नये छात्रों के लिए दाखिले की प्रक्रिया को 1 अगस्त से 31 अगस्त 2020 के बीच सम्पन्न कराने के निर्देश दिये थे। यूजीसी के अपने इसी दिशा-निर्देश में विश्वविद्यालयों की लंबित सत्रांत परीक्षाओं को जुलाई और अगस्त में आयोजित करने के निर्देश दिये थे।

यूजीसी गाइडलाइन्स में क्या होगी बड़ी घोषणा?

हालांकि, वर्तमान में कोविड-19 महामारी की स्थिति में कोई सुधार न हो पाने और परीक्षाओ के ऑनलाइन सम्पन्न कराने में आ रही तकनीकी संसाधानों की कमी के मद्देनजर संभावना है कि  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षाओं को लेकर आज कोई बड़ी घोषणा की जा सकती है।

अकेले उत्तर प्रदेश में 48 लाख होंगे प्रभावित

दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश राज्य के विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में परीक्षाओं के आयोजन को लेकर राज्य के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा बनायी गयी चार सदस्यीय टीम समिति ने अपनी रिपोर्ट राज्य के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को सौंप दी थी। इस समिति ने विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं के आयोजन न किये जाने और छात्रों को बिना परीक्षा प्रोन्नत करने की सिफारिश की थी। इस समिति की रिपोर्ट पर उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा अंतिम फैसला कल 2 जुलाई 2020 को किये जाने का निर्णय लिया गया था। संभव हैं कि आज जारी होने वाली फाइनल ईयर और सेमेस्टर एग्जाम यूजीसी गाइडलाइन्स 2020 के बाद ही उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ अन्य राज्यों की सरकारें भी कोई भी अंतिम निर्णय ले सकें। अकेले उत्तर प्रदेश में ही 18 राज्य विश्वविदयालयों एवं अन्य संस्थानों में पंजीकृत 48 लाख से अधिक छात्रों पर आज जारी होने वाली यूजीसी गाइडलाइन्स 2020 का असर होगा।

Posted By: Rishi Sonwal

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