नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Final Year Exam UGC Guidelines 2020: देश भरे विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षाओं के लिए जारी यूजीसी गाइडलाइंस 2020 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर आज की सुनवाई समाप्त हो गयी है और अगली सुनवाई 10 अगस्त 2020 को होगी। यूजीसी द्वारा विशविद्यालयों की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को 30 सितंबर 2020 तक कराने के निर्देशों को विरोध देश भर में हो रहा है। यह विरोध कोविड-19 महामारी के बीच परीक्षाओं के आयोजन को लेकर है। आज हो रही सुनवाई में अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षाओं के आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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Final Year/Semester Exam UGC Guidelines 2020 Live Updates @ 12.35 PM: सुनवाई 10 अगस्त तक के लिए टली

अंतिम वर्ष की परीक्षाओं की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई 10 अगस्त 2020 तक के लिए टाल दी गयी है। सॉलिसिटर जरनल तुषार मेहता को कहा है गया कि गृह मंत्रालय का पक्ष स्पष्ट करें। इसके लिए 7 अगस्त तक एफिडेविट सबमिट करनी है।

Final Year/Semester Exam UGC Guidelines 2020 Live Updates @ 12.30 PM: कई विश्वविद्यालयों के पास जरूरी IT साधन नहीं

याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता का पक्ष रख रहे अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि कई विश्वविद्यालयों के पास तो परीक्षाओं को ऑनलाइन आयोजित करने के लिए आवश्यक आईटी इंफ्रास्ट्रक्टर ही नहीं है। साथ ही, भौतिक रूप से परीक्षाएं कोविड-19 के कारण आयोजित नहीं की जा सकती हैं।

Final Year Exam UGC Guidelines 2020 Live Updates @ 12.10 PM: 22 अप्रैल और 6 जुलाई के गाइडलाइंस में कोई फर्क नहीं

याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता का पक्ष रख रहे अधिवक्ता सिंघवी ने कहा कि यूजीसी द्वारा 22 अप्रैल 2020 को और 6 जुलाई 2020 जारी दिशा-निर्देशों में कोई अंतर नहीं है। यूजीसी ने 22 अप्रैल की गाइडलाइंस में 31 अगस्त तक परीक्षाओं के आयोजन के निर्देश दिये थे, वहीं 6 जुलाई की गाइडलाइंस में परीक्षाओं को 30 सितंबर तक करा लेने के निर्देश दिये थे।

Final Year Exam UGC Guidelines 2020 Live Updates @ 11.30 AM: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरु

अंतिम वर्ष की परीक्षाओं की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हो चुकी है। मामले की सुनवाई तीन न्यायाधीशों की पीठ कर रही है। जल्द ही फाइनल ईयर या सेमेस्टर की परीक्षाओं को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

अंतिम वर्ष में बिना परीक्षा के परिणाम घोषित नहीं किए जा सकते: यूजीसी

सुप्रीम कोर्ट में विश्वविद्यालयों की अंतिम वर्ष / सेमेस्टर परीक्षाओं के मामले में आज सुनवाई होने वाली है। 27 जुलाई 2020 की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी को अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने के विरोध में दायर याचिकाओं को लेकर जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया था। वहीं, यूजीसी ने अपने जवाब में सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए देश भर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए अधिसूचना जारी की गई है। आयोग का कहना है कि छात्रों के लिए अंतिम वर्ष काफी महत्वपूर्ण होता है, जिसके परिणाम के आधार पर छात्रों की भविष्य निर्भर करती है। इसलिए अंतिम वर्ष में बिना परीक्षा के परिणाम घोषित नहीं किए जा सकते हैं। यूजीसी ने कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा है कि 30 सितम्बर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर अधिसूचना जारी करने का मकसद छात्रों के आगे की पढ़ाई में विलंब होने से रोकना है।

यूजीसी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम का हवाला देते हुए कहा है कि उन्हें छात्रों की उच्च शिक्षा के संबंध में नीतिगत फैसला लेने का अधिकार है। इसके तहत ही उन्होंने छात्रों के भविष्य को देखते हुए 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं कराने के लिए अधिसूचना जारी किया है। वहीं, यूजीसी ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि उसने विश्वविद्यालयों को सितंबर में टर्म-एंड परीक्षा के लिए उपस्थित नहीं होने वाले छात्रों के लिए संभव होने पर 'विशेष परीक्षा' आयोजित करने की अनुमति दी है।

बता दें कि यूजीसी ने अपने दिशानिर्देशों में सभी विश्वविद्यालयों को सितंबर अंत तक टर्म-एंड (अंतिम वर्ष और सेमेस्टर) परीक्षा अनिवार्य रूप से आयोजित करने के लिए कहा था। वहीं, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित कई राज्यों ने इस कदम का विरोध किया था और एक निर्देश जारी किया था कि राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालय टर्म-एंड परीक्षा आयोजित नहीं करेंगे। यूजीसी ने कहा कि महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों के बिना परीक्षा कराए डिग्री प्रदान करने का निर्णय स्पष्ट रूप से यूजीसी दिशानिर्देशों के खिलाफ है।

गौरतलब है कि देशभर के कई विश्वविद्यालयों के स्टूडेंट्स द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। जिसमें यूजीसी द्वारा जारी की गई संशोधित गाइडलाइंस को रद्द करने की मांग की गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होने वाली है। बता दें कि यूजीसी ने अपनी संशोधित गाइडलाइंस में देश के सभी विश्वविद्यालयों को कहा है कि वे अंतिम वर्ष या अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं सिंतबर तक आयोजित करा लें।

Posted By: Rishi Sonwal

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