नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। SC on CBSE & CISCE 12th Evaluation 2021: उच्चतम न्यायालय में सीबीएसई और सीआईसीएसई परीक्षाओं के लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायधीशों, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविल्कर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की खण्डपीठ ने कहा कि दोनों ही बोर्ड के क्राइटेरिया एकसमान होने चाहिए और रिजल्ट की घोषणा एक साथ होनी चाहिए। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत द्वारा सीबीएसई और सीआईएससीई के द्वारा प्रस्तुत क्राइटेरिया को स्वीकार कर लिया गया था और कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था। दूसरी तरफ, शीर्ष अदालत में सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षाओं को रद्द किये जाने की मांग वाली 1152 छात्रों की याचिका पर सुनवाई की गयी। इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों की कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के मामलों पर भी सुनवाई की। इन मामलों पर सुनवाई के दौरान विभिन्न राज्यों के काउंसिल द्वारा अपने-अपने राज्य की परीक्षाओं को रद्द किये जाने की स्थिति के बारे में खण्डपीठ को बताया। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट में इस मामले के सुनवाई कल, 22 जून तक के लिए टाल दी गयी।

आज 11 बजे शुरू हुई सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट आज, 21 जून 2021 को सुबह 11 बजे से केंद्रीय बोर्डों - सीबीएसई और सीआईसीएसई द्वारा कक्षा 12 की रद्द बोर्ड परीक्षाओं को लेकर ईवैल्यूएशन के लिए पेश किये गये क्राइटेरिया पर सुनवाई 11 बजे शुरू हुई। उम्मीद की जा रही थी कि शीर्ष अदालत द्वारा सीबीएसई और सीआईएससीई ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया पर अंतिम फैसला सुनाया सकता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई 17 जून 2021 को हुई थी। दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट आज ही सीबीएसई कंपार्टमेंट परीक्षाओं को लेकर 1152 स्टूडेंट्स द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई की जानी थी।

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17 जून को हुई थी सुनवाई

उच्चतम न्यायालय के न्यायधीशों, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविल्कर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की खण्डपीठ के समक्ष दोनो ही केंद्रीय बोर्डों की कक्षा 12 की परीक्षाओं को रद्द करने और इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर जल्द से जल्द रिजल्ट घोषित करने की वाली एडवोकेट ममता शर्मा द्वारा दायर जन हित याचिका पर 17 जून को हुई सुनवाई के दौरान सीबीएसई और सीएआईएससीई ने अपने ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया पेश किये थे। हालांकि, खण्डपीठ ने दोनो ही बोर्डों से शिकायत निवारण प्रणाली, वैकल्पिक परीक्षाओं की तारीखों, आदि समेत कुछ बिंदुओं पर स्पष्टता प्रस्तुत करने को कहा था। इसके बाद सुनवाई 21 जून तक के लिए टाल दी गयी थी।

बोर्ड परीक्षाओं पर अन्य मामलों की भी सुनवाई

इस मामले के अतिरिक्त सुप्रीम कोर्ट द्वारा बोर्ड परीक्षाओं को लेकर दायर अन्य याचिकाओं पर भी सुनवाई की जानी है। कक्षा 12 के 1151 स्टूडेंट्स ने सीबीएसई की कक्षा 12 की सेंकेंड चांस कंपार्टमेंट परीक्षाओं / प्राइवेट एग्जाम के फिजिकल मोड में आयोजन को रद्द किये जाने की मांग सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए की है। साथ ही, इस मामले में छात्रों की मांग है कि कंपार्टमेंट और प्राइवेट मोड की परीक्षाओं के लिए भी उसी क्राइटेरिया से नतीजे घोषित किये जाएं, जिनके आधार पर रेगुलर स्टूडेंट्स का ईवैल्यूएशन किया जाएगा। बता दें कि सीबीएसई ने पिछली सुनवाई के दौरान कक्षा 12 के स्टूडेंट्स के मूल्यांकन करने और रिजल्ट तैयार करने के लिए ईवैल्यूएशन क्राइटेरिया प्रस्तुत किया था।

Edited By: Rishi Sonwal