नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। जेएनयू (JNU) में सोमवार से शीतकालीन सेमेस्टर की कक्षाओं को शुरू किया गया। इस सेमेस्टर के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया अभी 15 जनवरी तक जारी रहेगा। वहीं इन कक्षाओं का सोमवार को छात्र संघ समेत छात्रवास की फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने बहिष्कार किया। वहीं, कुलपति प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने कहा कि पंजीकरण के साथ-साथ 50 फीसद छात्रों ने छात्रवास की फीस जमा कर दी है।

जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार ने बताया कि अब तक शीतकालीन सेमेस्टर के लिए कुल 5 हजार छात्रों ने पंजीकरण करवाया है। सभी डीन व विशेष केंद्रों के अध्यक्ष को व शिक्षकों व छात्रों को उन गतिविधियों से दूर होने के निर्देश दिए गए हैं जिससे अकादमिक कामकाज पर बाधा पहुंचती है।

साथ ही उन्होंने जेएनयू शिक्षक संघ को भी दिशा-निर्देश जारी कर कहा है कि कोई भी शिक्षक ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे जो अकादमिक मूल्यों के खिलाफ प्रशासन के साथ असहयोग करने की योजना के तहत जारी हो।

रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों का विश्वविद्यालय प्रशासन से असहयोग परिसर के हालात को सामान्य करने में बाधक बनेगा। इतना ही नहीं इसके माध्यम से यह संदेश भी जाएगा कि जेएनयू शिक्षक संघ विश्वविद्यालय को सही तरह से कार्य नहीं करने देना चाहता है। छात्रसंघ के उपाध्यक्ष साकेत मून ने कहा कि पांच से छह चरणों में पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होती है।

कई छात्रों ने प्रारंभिक चरणों की प्रक्रिया ही पूरी की है और किसी ने भी छात्रवास की बढ़ी फीस नहीं भरी है, लेकिन प्रशासन प्रारंभिक चरणों की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने वाले छात्रों को शामिल कर कुल पंजीकरण का भ्रामक आंकड़ा जारी कर रहा है। वहीं उन्होंने आरोप लगाते हुए दावा किया है कि प्रशासन ने 300 छात्रों का अकादमिक निलंबन किया है। जिसे वह खत्म नहीं किया जा रहा है, इस वजह से भी कई छात्र प्रारंभिक पंजीकरण करने से पीछे हट गए हैं।

Posted By: Pooja Singh

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