जागरण संवाददाता, हल्द्वानी : समय की बचत व तकनीक का उपयोग करने के लिए नैनीताल शिक्षा विभाग ने नायाब पहल की है। विभागीय योजनाओं की समीक्षा और निदेशालय या शासन स्तर से सयम-समय पर मांगी जाने वाली सूचनाओं के एकत्रीकरण के लिए अधिकारियों को अनावश्यक भागदौड़ करने की जरूरत नहीं होगी। वाट्सएप की मदद से यह काम घर बैठे हो सकेगा। जिस विषय पर वार्ता या समीक्षा होगी, उसकी जानकारी अधिकारियों को पहले से दी जाएगी। वाट्सएप ग्रुप पर चैट का समय पहले से निर्धारित होगा। निर्धारित समय में सभी को ऑनलाइन रहकर जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए सीईओ, बीईओ, डिप्टी ईओ नैनीताल तीन अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं। जरूरत पड़ने पर ग्रुप चैट का प्रिंट आउट भी लिया जा सकेगा। सीईओ ने कहा है कि बीईओ, डिप्टी ईओ संकुल वार छोटे ग्रुप बनाकर समीक्षा कर सकते हैं। मोबाइल एप पर परीक्षा देंगे शिक्षक शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने द टीचर एप लागू किया है। बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों को अनिवार्य रूप से एप से जुड़ना होगा। एप पर शिक्षकों को स्टडी मैटेरियल मिलेगा और इसी एप पर शिक्षकों को सवालों के उत्तर देने होंगे। अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण की निदेशक सीमा जौनसारी ने सीईओ को पत्र भेजकर जरूरी निर्देश दिए हैं। जिले में करीब साढ़े पांच हजार शिक्षक एप से जुड़ेंगे। वेतन निर्धारण को लेकर होगा प्रशिक्षण 2006 के बाद पदोन्नत चयन, प्रोन्नत वेतनमान प्राप्त शिक्षकों के वेतन निर्धारण पर चर्चा व ऐसे प्रकरणों के निस्तारण को लेकर 17, 18 अक्टूबर को देहरादून सीमेट भवन में प्रशिक्षण होगा। वित्त नियंत्रक विद्यालयी शिक्षा ने सीईओ को पत्र लिखकर वित्त अधिकारियों, सहायक लेखाकार से प्रशिक्षण में उपस्थित रहने को कहा है। समय व कागज की बचत के लिए वाट्सएप पर सूचनाओं के आदान-प्रदान पर जोर दिया जा रहा है। इससे काम में भी तेजी जाएगी। - केके गुप्ता, मुख्य शिक्षाधिकारी नैनीताल