NEET PG Counseling:केंद्र सरकार नीट एग्जाम में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए वार्षिक आय की समीक्षा करेगी।  सरकार ने यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दी है। सरकार ने कहा कि नीट में आरक्षण के लिए प्रति वर्ष रुपये 8 लाख आय मानदंड पर फिर से विचार किया जाएगा। इसके अलावा, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को परिभाषित करने के मानदंडों को संशोधित करने का निर्णय लिया जाएगा।

केंद्र ने देश की सर्वोच्च अदालत को यह भी बताया कि "आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग" के मौजूदा मानदंडों को संशोधित किया जाएगा और नए मानदंडों पर निर्णय 4 सप्ताह के भीतर लिया जाएगा। वहीं अगर फिलहाल के नियमों को देखा जाए तो एक उम्मीदवार जिसकी पारिवारिक आय 8 लाख प्रति वर्ष से कम है, उन्हें ईडब्ल्यूएस कोटे के अंतर्गत आता है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि उसका ईडब्ल्यूएस कोटा बहुत ही सक्षम और प्रगतिशील प्रकार का आरक्षण है और राज्यों को इसके प्रयास में केंद्र का समर्थन करना चाहिए।

वहीं इस संबंध में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, सूर्यकांत और विक्रम नाथ की पीठ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सूचित किया कि ईडब्ल्यूएस के मानदंड निर्धारित करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा और इसमें चार सप्ताह लगेंगे।

सुप्रीम कोर्ट केंद्र और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) के 29 जुलाई के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। सरकार ने आगे कहा कि जब तक कि समिति ईडब्ल्यूएस श्रेणी के निर्धारण के लिए मानदंड तय नहीं करती, तब तक नीट काउंसलिंग को चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया जाता है।बता दें कि NEET PG काउंसलिंग 25 अक्टूबर से शुरू होने वाली थी, लेकिन 29 जुलाई चुनौती देने वाली याचिकाएं दायर करने के बाद स्वास्थ्य निदेशालय ने इसे स्थगित कर दिया था। उम्मीदवार ध्यान दें कि नीट पीजी काउंसिलिंग से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए अपडेट चेक करते रहें।   

Edited By: Nandini Dubey