नई दिल्ली, एएनआई। दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों को राहत देते हुए कहा है कि वो एक हफ्ते में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोई लेट फीस भी नहीं देनी होगी। वहीं इस मामले में कोर्ट ने यूनिवर्सिटी से भी जवाब मांगा है।

कोर्ट ने कहा, "बचे हुए 10 फीसद छात्र जिन्होंने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है वो एक हफ्ते के अंदर पंजीकरण कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्हें कोई लेट फीस भी नहीं देनी होगी।"

IHA निर्णय को चुनौती देने वाली JNUSU की याचिका पर वकील पिंकी आनंद के मुताबिक कोर्ट ने अंतरिम फैसले में कहा है कि होस्टल फीस का जो मुद्दा उठाया गया था 90% छात्र होस्टल फीस दे चुके हैं। जिन 10% बच्चों ने नहीं दी है। उनके लिए कोर्ट ने कहा है कि जब तक फैसला नहीं आ जाता वो पुरानी फीस ही भरेंगे।

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ ने हॉस्टल नियमावली में संशोधन के खिलाफ एक याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में दाखिल की है। इसे लेकर छात्र संघ ने इंटर हॉस्टल मैनेजमेंट (Inter Hostel Management) मैनुअल के फैसले को चुनौती देकर इस रद करने की मांग की है।

गौरतलब है कि जेएनयू छात्र संघ काफी लंबे समय से छात्रावास फीस बढ़ोतरी समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। इस मुद्दे पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों से भी छात्र संघ के नेताओं की मुलाकात हो चुकी है हालांकि इसका कोई स्थाई हल नहीं निकल सका है।

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष, उपाध्यक्ष साकेत मून और अन्य समेत जेएनयू सदस्यों द्वारा दायर की गई याचिका के मुताबिक शीतकालीन सत्र 2020 में रजिस्ट्रेशन के लिए लगाई गई लेट फीस पर रोक लगाने की मांग की गई है।

Posted By: Neel Rajput

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