नई दिल्ली, जेएनएन। जहां एक ओर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र हॉस्‍टल और यूनिर्विसटी की फीस कम करने के लिए सड़कों पर हैं, वहीं दूसरी ओर मानसून एंड सेमिस्टर परीक्षा की तारीख जारी कर दी हैं। इसके अनुसार परीक्षा 12 दिसंबर 2019 से शुरू होंगी। वहीं एमफिल (M.Phil.) और पीएचडी (PhD) के शोध को जमा करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर है। अकादमिक काउंसिल और एक्जेक्यूटिव काउंसिल द्वारा जारी किए गए इस एकेडमिक कैलेंडर को मंजूरी मिल गई है। इसलिए माना जा रहा है कि आखिरी तारीख में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

जेएनयू ने जारी किया एक और नोटिस

छात्रों के लगातार प्रदर्शन को देखते हुए जेएनयू प्रशासन ने एक नोटिस भी जारी किया है। इसके अनुसार कुछ छात्रों की लगातार हड़ताल की वजह से जेएनयू में पढ़ रहे हजारों छात्र प्रभावित हैं। ऐसे में जो छात्र जेएनयू के नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

छात्रों को होगा लाभ

प्रशासन का कहना है कि ऐसा करने से छात्रों को अकादमिक प्रोग्राम पूरा करने में मदद मिलेगी। अगर जेएनयू के छात्र तय की गई तारीखों तक अपने अकादमिक लक्ष्यों तक पहुंचने में असफल होते हैं तो इसका सीधा असर उनके करियर पर पड़ेगा। 

पिछले 17 दिनों से छात्र हॉस्टल फीस में वृद्धि के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके प्रदर्शन ने तब हिंसक रूप धारण कर लिया, जब सोमवार को वे एआईसीटीआई की बिल्डिंग के बाहर जमा हो गए थे। इस प्रदर्शन के कारण मानव संसाधन विकास मंत्री को छह घंटे इमारत के अंदर बंद होना पड़ा था। वे जेएनयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए थे।

पिछले हफ्ते जेएनयू की एग्जिक्यूटिव काउंसिल ने बैठक कर फीस में आंशिक कटौती की घोषणा की थी और छात्रों  से कक्षाओं में वापस क्लास आने को कहा था। वहीं, वीसी जगदीश कुमार ने कहा कि ड्रेस कोड और हॉस्टल की टाइमिंग संबंधी फैसले को लागू नहीं किया जाएगा। वहीं, छात्रऔर छात्र एसोसिएशन ने इस फैसले को दिखावा करार दिया था और वे इस फैसले को पूरी तरह से बदलने की मांग कर रहे हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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