नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली शिवांगी ने बीते दिनों देश की पहली नौसेना महिला पायलट के रूप में अपनी ड्यूटी ज्वाइन की। सब लेफ्टिनेंट शिवांगी भी पुरुषों की तरह नौसेना में निगरानी विमान डोर्नियर उड़ाएंगी। बचपन से ही उनका सपना पायलट बनने का था। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद अब वह उन महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बन गई हैं, जो डिफेंस फोर्स में खुद को चैलेंजिंग रोल में देखना चाहती हैं।

दरअसल, महिलाएं नौसेना में तो काफी समय से हैं, लेकिन वे सिर्फ पर्यवेक्षक, शिक्षा या मेडिकल कोर तक ही सीमित थीं। जाहिर है नौसेना में महिलाओं के लिए आज पहले से अधिक अवसर उपलब्ध हैं। ऐसे में अगर आप भी देश-दुनिया को एंज्वॉय करना चाहते हैं, तो आपके लिए नौसेना एक अच्छा करियर ऑप्शन हो सकता है, जहां आप अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर सब लेफ्टिनेंट, लेफ्टिनेंट, लेफ्टिनेंट कमांडर, कमांडर, कैप्टन, कोमोडोर, रियर एडमिरल, वाइस एडमिरल, डीजी, कमांडर इन चीफ तथा नौसेनाध्यक्ष जैसे ऑफिसर पदों पर करियर बना सकते हैं।

अधिकारी के रूप में भर्ती: भारतीय नौसेना में कोई उम्मीदवार मुख्य रूप से दो पोजीशंस-ऑफिसर या सेलर के रूप में ज्वाइन कर सकता है। अफसर के रूप में नौसेना में मुख्य रूप से चार ब्रांच होते हैं-एग्जीक्यूटिव, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और एजुकेशनल ब्रांच। एग्जीक्यूटिव ब्रांच के ऑफिसर्स जहाजों के परिचालन

और उससे संबंधित अन्य सेवाएं देते हैं, जबकि इंजीनियरिंग ब्रांच की जिम्मेदारी नेवी की मशीनरी के मेंटिनेंस से जुड़ी होती है। इसी तरह शिप पर रेडियो, रडार, कंप्यूटर एवं अन्य सिस्टम के इलेक्ट्रिकल मैनेजमेंट से संबंधित कार्य की जिम्मेदारी इलेक्ट्रिशियन ब्रांच की होती है। एजुकेशन ब्रांच की जिम्मेदारी नौसैनिकों और ऑफिसर्स की ट्रेनिंग से जुड़ी होती है। भारतीय नौसेना की इन शाखाओं में अफसरों की भर्ती संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), सीधी भर्ती स्थायी कमीशन/ शॉर्ट सर्विस कमीशन तथा विश्वविद्यालय भर्ती योजना द्वारा की जाती है। यूपीएससी द्वारा भर्ती के लिए एनडीए/ एनए और सीडीएस की लिखित परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।

एनडीए/एनए: सेना के तीनों विंग्स आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में परमानेंट कमीशंड ऑफिसर्स (जो कि रिटायरमेंट तक अपनी सेवा में बने रहते हैं) की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग द्वारा नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) के रूप में आयोजित होने वाले ऑल इंडिया लेवल एंट्रेंस एग्जामिनेशन के माध्यम से की जाती है। इस लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) द्वारा साक्षात्कार लिया जाता है। उसके बाद उम्मीदवारों को सामान्य योग्यता, मनोवैज्ञानिक परीक्षण, शारीरिक व चिकित्सा परीक्षण, व्यक्तित्व परीक्षण आदि के दौर से गुजरना होता है।

अंत में मेरिट लिस्ट के आधार पर उम्मीदवारों को इंडियन नेवल एकेडमी, एझिमाला में प्रवेश दिया जाता है। नेशनल डिफेंस एकेडमी के लिए केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते हैं तथा उनकी उम्र सीमा साढ़े 16 से 19 वर्ष के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता बारहवीं या इसके समकक्ष होनी चाहिए।

जो उम्मीदवार नेवी में अपना करियर बनाना चाहते हैं। उन्हें अनिवार्य रूप से फिजिक्स और मैथमेटिक्स विषयों के साथ बारहवीं पास होना अनिवार्य है। यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है।

सीडीएसई: यह परीक्षा भी संघ लोक सेवा आयोग द्वारा इंडियन मिलिट्री एकेडमी, इंडियन नेवल एकेडमी और इंडियन एयर फोर्स एकेडमी में अफसर रैंक पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जाती है। सीडीएसई में चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होता है। लिखित परीक्षा के सफल उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाता है। इसमें सफल होने वाले उम्मीदवारों को फिर ट्रेनिंग के लिए चुने गए विकल्प के आधार पर इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून, नेवल एकेडमी गोवा, एयरफोर्स एकेडमी हैदराबाद और ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई भेजा जाता है। इसके अंतर्गत महिलाओं की भी ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में शॉर्ट सर्विस कमीशन के रूप में नियुक्ति की जाती है। नेवल एकेडमी में प्रवेश के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता के रूप में फिजिक्स और मैथमेटिक्स के साथ ग्रेजुएशन या इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए।

एनसीसी भर्ती: नौसेना में एनसीसी ‘सी’ प्रमाणपत्र धारक उम्मीदवार भी अफसर बन सकते हैं। इसके लिए रिक्तियां सीडीएसई विज्ञापन के साथ ही प्रकाशित की जाती हैं। इस भर्ती के लिए कोई लिखित टेस्ट नहीं होता। अभ्यर्थियों को सिर्फ एसएसबी साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। एसएसबी उत्तीर्ण कर लेने के बाद इन अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण किया जाता है और यदि इन्हें फिट पाया जाता है, तो अखिल भारतीय मेरिट के आधार पर भारतीय नौसेना में भर्ती कर लिया जाता है।

महिलाओं की भर्ती: अभी महिलाओं को अफसर के तौर पर नौसेना की हवाई यातायात नियंत्रण, प्रेक्षक, कानून, संभारिकी, शिक्षा, नौ-स्थापत्य, नौसेना आयुध निरीक्षणालय, पायलट आदि शाखाओं में भर्ती किया जाता है। एसएससी कार्यकाल के पूरा हो जाने पर शिक्षा, कानून और नौ-स्थापत्य शाखाओं में स्थाई कमीशन को

भी अनुमोदन दे दिया गया है, यानी महिलाओं के लिए भी नौसेना में कमीशंड अफसर बनने के विकल्प हैं।

सेलर के रूप में: नौसेना में सेलर कैटेगरी के तहत आप आर्टिफिसर अप्रेंटिस, एसएसआर, एमआर (शेफ), एमआर (स्टुअर्ड), एमआर (सैनिटरी हाईजीनिस्ट) जैसे पदों पर ज्वाइन कर सकते हैं। इस पद पर भर्ती के लिए 60 प्रतिशत अंकों के साथ गणित तथा भौतिकी विषयों से 12वीं पास होना जरूरी है। साथ ही, आयु 17 से 20 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसी तरह एसएसआर के लिए भी साइंस विषयों से 12वीं पास होना चाहिए। इसके लिए भी उम्र सीमा 17 से 20 वर्ष है। इसी तरह एमआर भर्ती (शेफ/स्टुअर्ड) में शामिल होने के लिए आपके पास न्यूनतम योग्यता 10वीं होनी चाहिए। इसके लिए भी उम्र सीमा 17 से 20 वर्ष है।

नेवी में युवाओं की बढ़ रही रुचि

युवाओं के लिए फोर्स से अच्छा स्कोप आज कहीं नहीं है। नेवी ही नहीं, आप आर्मी या एयरफोर्स का उदाहरण ले लीजिए। आज की तारीख में ऐसी कोई आर्गनाइजेशन नहीं है, जो आपको लीडरशिप के लिए ट्रेंड करे, जहां आपको टैंक कमांड करने का मौका मिले, जहां बड़े-बड़े एयरक्रॉफ्ट को उड़ाने का मौका हो या एयर स्टेशन/आर्मी स्टेशन को कमांड करें। साथ में, मातृभूमि की जो भावना यहां होती है, वह देश की सेना ही युवाओं को दे सकती है।

अगर सुविधाओं की बात करें, तो जब से आप नेवी ज्वाइन करते हैं, तभी से यह आपकी पूरी देखभाल करती है, आपको वित्तीय और सोशल सपोर्ट देने के अलावा आपके फैमिली की भी पूरी देखरेख करती है। अगर फरवर्ड एरिया में तैनाती मिलती है, तो रहने के लिए घर भी मिलता है, नहीं तो आपको एचआरए की सुविधा है। फिलहाल, जिन युवाओं को समुद्र अच्छा लगता है, उनके लिए नेवी एक बेहतर फील्ड हो सकता है। युवा नेवी को सेलर या अफसर के रूप में दो तरह से ज्वाइन कर सकते हैं, जिसके लिए 10वीं, 12वीं या स्नातक की योग्यता होनी चाहिए।

आकर्षक पैकेज

नौसेना में सभी पदों के लिए काफी आकर्षक वेतन पैकेज दिया जाता है। फिलहाल एक सब-लेफ्टिनेंट को करियर के शुरुआत में ही 3/15600-39100 का वेतन-बैंड मिल रहा है। वहीं, पदोन्नति के बाद लेफ्टिनेंट, लेफ्टिनेंट कमांडर, कमांडर और कैप्टन जैसे पदों के लिए यह वेतनमान और भी ज्यादा है। इसके अलावा, आजीवन पेंशन, अपने और अपने परिवार के लिए चिकित्सा लाभ और घूमने-फिरने का जो मौका मिलता है, सो अलग।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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