नई दिल्ली, राहुल मानव। इसरो (Indian Space Research Organisation -ISRO) के साथ मिलकर आइआइटी दिल्ली (IIT Delhi) की तरफ से एक करार (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया जाएगा। इस करार के तहत आइआइटी दिल्ली और इसरो अंतरिक्ष तकनीक पर काम करने के लिए नया केंद्र स्थापित करेंगे। इस केंद्र का नाम सेंटर फॉर स्पेस टेक्नोलॉजी (Center for Space Technology) रखा गया है। शनिवार को इसरो प्रमुख के.सिवन (K Sivan) आइआइटी दिल्ली के 50वें दीक्षांत समारोह (Convocation) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान ही एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। शुक्रवार को 50वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य पर संस्थान द्वारा प्रेसवार्ता की गई , जिसमें इस महत्वपूर्ण कदम की जानकारी दी गई है।

आइआइटी दिल्ली के निदेशक प्रोफ वी.रामगोपाल राव (Professor V. Ramgopal Rao) ने बताया कि इसरो के मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने के मिशन को भी संस्थान अपना सहयोग देगा। अंतरिक्ष में आइआइटी दिल्ली द्वारा स्थापित कंपनी क्लेनसेट की तरफ से तैयार किए गए वाटरलेस तकनीक के प्रोडक्ट को मनुष्य इस्तेमाल करेंगे। अंतरिक्ष में नहाने की समस्या होती है, ऐसे में इसरो के मिशन के तहत भारत के एस्ट्रोनॉट इस प्रोडक्ट को इस्तेमाल कर सकेंगे।

इसरो के साथ होगी अकादमिक साझेदारी-

आइआइटी दिल्ली के रिसर्च एंड डिवेलपमेंट के डीन प्रो बी आर मेहता ने बताया कि इसरो के साथ अकादमिक साझेदारी भी होगी। जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , स्मार्ट टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, नैनो टेक्नोलॉजी जैसे कुछ क्षेत्र में साथ में काम किया जाएगा। उम्मीद है कि भविष्य में नए केंद्र में स्पेस टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ कोर्स भी शुरू किए जाएं।

50वें दीक्षा समरोह के लिए आइआइटी दिल्ली एक स्मरणीय स्टैम्प भी जारी कर रहा है। इसे शनिवार को दीक्षा समारोह के अवसर पर ही जारी किया जाएगा। इसका लोगो संस्थान के छात्रों ने ही तैयार किया है।

Posted By: Neel Rajput

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