नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। हम नए साल के बाद नए दशक में प्रवेश करने जा रहे हैं। ऐसा महसूस होता है कि हमारे चारों ओर सबकुछ बदल रहा है। काम की दुनिया भी इसका अपवाद नहीं है। भविष्य की नौकरियों में आमूलचूल बदलाव आने वाला है। नए साल में बहुत कुछ बदला है, लेकिन अगले दशक में नौकरियों में आने वाला बदलाव सदियों तक याद किया जाएगा। वैश्विक स्तर पर रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे क्षेत्र प्रवाह को बदलने की क्षमता रखते हैं। जर्मनी में 18 फीसद नौकरियां स्वचालन के अंतिम जोखिम पर काम कर रही हैं। भविष्य में होने वाले हमारे कार्यस्थल फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। हाल ही में स्टेटिस्टा ट्रेंड कंपास ने पाया है कि 79 फीसद अधिकारी मानते हैं कि फ्रीलांस कर्मचारी अगले कुछ सालों में पूर्णकालिक कर्मचारियों का स्थान ले लेंगे।

सहकर्मी रोबोट

स्वचालन और ऐसे ही बड़े ट्रेंड जैसे रोबोट्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कार्य की दुनिया में नई उन्नति और नई उपलब्धियां हैं।

फ्रीलांस वर्क के फायदे-

  • 84 % योजना में लचीलापन
  • 60 % रूपांतरित नहीं होना
  • 66 % कार्य-जीवन संतुलन
  • 61 % कहीं से भी काम करने की स्वतंत्रता
  • 39 % स्व विकास
  • 39 % स्व विकास

फ्रीलांस वर्क को लेकर लोगों की राय-

  • 2019 में वैश्विक स्तर पर 75 फीसद लोगों का विश्वास है कि नए नियमों में लचीलापन आएगा। यह जापान में 80 फीसद और जर्मनी में 68 फीसद है।
  • 37% कर्मचारी ऐसी नौकरी करना चाहते हैं जहां पर उन्हें अपनी नौकरी में अन्य जगह से काम की अनुमति दी जाए।
  • 79% अधिकारी मानते हैं कि आकस्मिक और फ्रीलांस कर्मचारी अगले कुछ वर्षों में पूर्ण कालिक कर्मचारियों का स्थान लें लेंगे।
  • 92% फ्रीलांसर कर्मचारियों का कहना है कि फ्रीलांस जीवनशैली अत्यंत (55%) या कुछ हद तक (37 %) महत्वपूर्ण है।

लचीलापन

  • नौकरी का तरीका बदला
  • पार्ट टाइम कहीं से भी काम का विकल्प
  • निश्चित समय कार्य
  • पूर्ण कालिक कहीं से भी काम का विकल्प

नौकरियों की तुलना जहां स्वचालन में है उच्च जोखिम

स्लोवाकिया: 33.6 %

स्पेन: 21.7 %

जर्मनी: 18.4 %

ब्रिटेन: 11.7 %

अमेरिका: 10.2 %

नॉर्वे: 5.7 %

Posted By: Neel Rajput

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