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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi university: DUTA ने अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए मूल्यांकन के वैकल्पिक तरीके की मांग की, पढ़ें डिटेल

By Rishi SonwalEdited By:
Published: Mon, 17 May 2021 11:26 AM (IST)

Delhi university अपने पत्र में DUTA ने कहा है कि जिस तरह के नुकसान परिवारों को हुए हैं हमें लगता ...और पढ़ें

1 जून से ओपन बुक मोड में आयोजित की जानी है फाइनल ईयर/ सेमेस्टर की परीक्षाएं
1 जून से ओपन बुक मोड में आयोजित की जानी है फाइनल ईयर/ सेमेस्टर की परीक्षाएं

Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) ने डीयू प्रशासन से कोविड-19 संक्रमण की दूसरी लहर के बीच टर्मिनल सेमेस्टर के छात्रों के लिए मूल्यांकन के वैकल्पिक तरीके की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्यवाहक कुलपति पीसी जोशी को संबोधित एक पत्र में, DUTA ने कहा कि महामारी की दूसरी लहर से हुए नुकसान के मद्देनजर, विश्वविद्यालय को परीक्षाओं के संबंध में अपने निर्णय की समीक्षा करनी चाहिए।

अपने पत्र में, DUTA ने कहा है कि जिस तरह के नुकसान परिवारों को हुए हैं, हमें लगता है कि विश्वविद्यालय को टर्मिनल सेमेस्टर / ईयर के स्टूडेंट्स के लिए परीक्षाओं के संबंध में निर्णय पर फिर से विचार करना चाहिए। कंटीन्यूइंग (Continuing) स्टूडेंट्स के लिए अपनाए गए वैकल्पिक मोड को टर्मिनल सेमेस्टर के छात्रों के लिए भी अपनाया जा सकता है। 

इस महीने की शुरुआत में ही, डीयू ने अंतिम वर्ष / अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं को 15 दिनों के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी। परीक्षा 15 मई से आयोजित की जानी थी, लेकिन अब 1 जून से प्रारंभ होगी। परीक्षा ऑनलाइन मोड में ओपन बुक फॉर्मेट में आयोजित की जाएंगी। वहीं, शिक्षक निकाय ने कहा है कि विश्वविद्यालय को अपनी ऊर्जा का उपयोग लंबित पांचवें सेमेस्टर के परिणाम घोषित करने में करना चाहिए, ताकि छात्रों को समय पर डिग्री मिल सके। पत्र में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय को यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय के साथ मामले को आगे बढ़ाना चाहिए। शिक्षक निकाय ने कहा कि कॉलेजों के छात्र अपने मानसिक तनाव और पारिवारिक स्थितियों के कारण आंतरिक मूल्यांकन सबमिट करने की स्थिति में नहीं थे, और इस समय सीमा में और ढ़ील देने की मांग की।

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में, दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने आंतरिक मूल्यांकन और पिछले सेमेस्टर में प्रदर्शन के आधार पर प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों का मूल्यांकन किया था। छात्रों और शिक्षकों के विरोध के बावजूद, विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर और स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए ऑनलाइन ओपन बुक परीक्षा का विकल्प चुना था।