प्रयागराज, जागरण संवाददाता। CTET 2019: सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड- CBSE) की ओर से रविवार सीटेट (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) का आयोजन कराया गया। परीक्षा में 90 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए। कुछ सवालों ने उन्हें सहज किया तो कुछ का जवाब मुश्किल भरा रहा। परीक्षा की वजह से बस-ट्रेनों में आम दिनों के मुकाबले भीड़ भी अधिक रही।

सीटेट में प्रयागराज से 10,1,058 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा में 93 हजार के लगभग अभ्यर्थी शामिल हुए। दो पालियों में हुई परीक्षा के लिए 83 केंद्र बनाए गए थे। प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों की परीक्षा सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक हुई। दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थियों की परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक कराई गई। सीबीएसई की क्षेत्रीय सचिव श्वेता अरोरा का कहना है कि अधिकतर केंद्रों में परीक्षा शांतिपूर्ण रही।

अभ्यर्थियों का हुआ बौद्धिक परीक्षण

सीटेट के अभ्यर्थियों से बच्चों को पढ़ाने के लिए उनके बौद्धिक स्तर का परीक्षण किया गया। अधिकतर प्रश्न शिक्षकों की गतिविधियों व उनकी कार्यप्रणाली से जुड़े पूछे गए। अभ्यर्थियों ने कुछ प्रश्नों का आसानी से उत्तर दे दिया। कुछ का जवाब देने में उन्हें दिक्कत आयी।

कुछ इस तरह के थे सवाल

  1. प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों को गणित पढ़ाने के लिए बनाई जाने वाली पाठ योजना का महत्वपूर्ण पहलू?
  2. गणित की उपलब्धि कम होने का कारण क्या हो सकता है?
  3. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में उल्लेख की गई समावेशी शिक्षा की अवधारणा किस पर आधारित है?
  4. शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में, वंचित समूह से संबंधित विद्यार्थियों के द्वारा सहभागिता कम होने की स्थिति में एक शिक्षक को क्या करना चाहिए?
  5. बच्चों को अधिगम गतिविधियों में भागीदारी करने के लिए लगातार पुरस्कार देना व दंड का प्रयोग करने से क्या प्रभाव पड़ता है?

फाफामऊ और नैनी में दो सॉल्वर भी पकड़े गए

सीटेट के दौरान जिले में अलग-अलग केंद्रों पर रविवार को दो मुन्नाभाई भी पकड़े गए। यह दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। फाफामऊ स्थित गंगा गुरुकुलम् विद्यालय के कक्ष संख्या 102 में संदीप कुमार पुत्र शिवशंकर निवासी अरूवां सोरांव के स्थान पर अर¨वद कुमार पुत्र काशी प्रसाद विश्वकर्मा निवासी उमरिया सारी मऊआइमा परीक्षा दे रहा था। बेथनी कान्वेंट स्कूल नैनी में अंबिका सिंह पुत्र चंद्रिका सिंह निवासी भवमपुर जिला रायबरेली की जगह उसका बड़ा भाई नागेंद्र सिंह परीक्षा दे रहा था। उसने खुद को अधिवक्ता भी बताया, लेकिन उसे छोड़ा नहीं गया। दोनों केंद्र के प्रबंधकों ने संबंधित थाना में रिपोर्ट दर्ज कराकर उन्हें पुलिस को सौंप दिया।

Posted By: Neel Rajput

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