नई दिल्ली, जेएनएन। आजकल आप घर बैठे मोबाइल एप से क्या नहीं कर सकते? इसकी मदद से अपने मोबाइल को बैंक अकाउंट से लिंक करके पैसों का लेनदेन कर सकते हैं, बिना किसी मदद के घर बैठे अपना टैक्स भर सकते हैं, अपनी आवश्यकता के अनुसार उत्पादों की ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हैं। वाट्सएप और मैसेंजर जैसे एप से अपनों के साथ लाइव चैट कर सकते हैं यानी इन एप्स के माध्यम से आज बहुत से कार्य बिना कोई परेशानी उठाए और बिना कहीं गए हो जाते हैं।

देखा जाए तो बहुत सारी सूचनाएं आज इन एप्स पर ही उपलब्ध हैं। एप मार्केट डाटा से जुड़ी रिसर्च कंपनी एप एनी के अनुसार, आइओएस और एंड्रायड एप डेवलपमेंट के क्षेत्र में भारत इस समय सबसे तेजी से बढ़ता हुआ मार्केट है। सबसे अच्छी बात है कि एप ने रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के साथ ही साथ टेकसेवी युवाओं के लिए करियर के नए द्वार भी खोल दिए हैं।

तेजी से उभरता मार्केट: वैसे तो साइंस विषयों से पढ़ाई करने वालों के लिए एप डेवलपमेंट का क्षेत्र ज्यादा अनुकूल है, लेकिन डिजाइनिंग और कोडिंग में अपनी स्किल बढ़ाकर अन्य बैकग्राउंड के युवा भी यहां अपना करियर बना सकते हैं। खासकर जो युवा कल्पनाशील और सीखने की प्रवृत्ति के हैं, उनके लिए इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के काफी अवसर हैं। दरअसल, देश में मोबाइल पर इंटरनेट यूजर्स की संख्या बढ़ने के चलते आज वेबसाइट्स के अलावा एप्स बनाने पर भी काफी जोर दिया जा रहा है, जिससे एप डेवलपर्स की भारी डिमांड है। हाल के वर्षों में देश भर के छोटे शहरों-कस्बों में भी एप डाउनलोड में जबरदस्त वृद्धि देखी जा रही है। इसे देखते हुए तमाम कंपनियां उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिए एप की तरफ भी रुख कर रही हैं। आज एप से सॉफ्टवेयर का काम लेने के साथ-साथ यह सूचनाओं और सेवाओं के लिए भी खूब इस्तेमाल होने लगा है। जानकारों की मानें, तो वर्ष 2023 तक एप डेवलपमेंट का यह मार्केट और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

जॉब के मौके: हाल के वर्षों में मोबाइल का बाजार जिस तेजी से ग्रोथ कर रहा है, उससे एप्स डेवलपर्स के लिए जॉब्स की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं। यह एक बेहतरीन बिजनेस टूल्स भी बन कर उभरा है, क्योंकि आज ढेरों छोटी-बड़ी कंपनियां एप डेवलपमेंट का काम करने लगी हैं, लोगों के लिए एप्स बना रही हैं, जिससे इन जगहों पर इसके जानकारों की आवश्यकता भी बढ़ी है। इसके अलावा, कई निजी संस्थान और प्रतिष्ठान भी एप डेवलपमेंट के लिए अपने यहां ऐसे लोगों को हायर कर रहे हैं। इस क्षेत्र में अभी सबसे अधिक जॉब के अवसर मोबाइल ऑपरेटर, मोबाइल डेवलपमेंट एप्लिकेशन कंपनियों और वैल्यू एडेड सर्विसेज देने वाली कंपनियों में है, जहां मोबाइल यूआइ डिजाइनर, यूजर एक्सपीरियंस ऐंड यूजेबिलिटी एक्सपर्ट एवं कोडिंग एक्सपर्ट के रूप में काम कर सकते हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र में कंटेंट प्रोवाइडर के रूप में भी अपने लिए नौकरी तलाश सकते हैं, जो एप के लिए कंटेंट उपलब्ध कराते हैं। एप डेवलपमेंट के फील्ड में फ्रीलांस का भी बहुत अच्छा मौका है। अगर नौकरी नहीं करना चाहते हैं, तो अपना कोई खास एप बनाकर एप आधारित बिजनेस करके एंटरप्रेन्योर भी बन सकते हैं।

कोर्स एवं योग्यताएं: एप्स डेवलपर्स की बढ़ती डिमांड को देखते हुए ही आजकल आइआइटी के अलावा कई संस्थानों में एप्स डेवलपमेंट से संबंधित शॉर्ट टर्म या डिप्लोमा कोर्स कराए जा रहे हैं। इसमें ढाई से तीन महीने का एडवांस्ड ट्रेनिंग कोर्स भी कराया जाता है, जिसमें एंड्रॉयड, आइओएस, विंडोज, ब्लैकबेरी ओएस पर यूज होने वाला मोबाइल एप्लिकेशन बनाना सिखाया जाता है। जो युवा डिजाइनिंग बैकग्राउंड के है, उनके लिए भी यह काफी उपयुक्त फील्ड है। यह कोर्स आप चाहें तो ऑनलाइन माध्यम से भी कर सकते हैं। बहरहाल, डिजाइनिंग और कोडिंग सीखकर आप इस फील्ड में आसानी से एंट्री पा सकते हैं। यह कोर्स करने के लिए किसी विशेष बैकग्राउंड का होना भी आवश्यक नहीं है यानी अगर आप साइंस के अलावा ऑर्ट या कॉमर्स से हैं, तब भी यह शॉर्टटर्म कोर्स कर सकते हैं।

खुद को निखारें

एप डेवलपमेंट में तेजी से बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए आने वाले दिनों में इसमें स्पेशलाइजेशन करने वालों की काफी मांग होगी, क्योंकि सेवा प्रदाता कंपनियां और ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों की सुविधाओं को देखते हुए इसके लुक और डिजाइन पर इन दिनों खास ध्यान देने लगी हैं। इससे जो युवा कल्पनाशील प्रवृत्ति के हैं, कुछ अलग सोचने की क्षमता रखते हैं और फिर उस सोच को एक आकर्षक डिजाइन में परिवर्तित करना जानते हैं, उनके लिए यहां काफी अवसर होंगे। कॉम्पिटिशन को देखते हुए तेजी से आगे बढ़ने के लिए नए विषयों से जुड़े एप बनाने पर भी जोर देना होगा।

सैलरी पैकेज: एप डेवलपर को करियर की शुरुआत में 25 हजार से 50 हजार रुपये तक सैलरी मिल जाती है। आगे चलकर अनुभव बढ़ने के साथ अच्छी कंपनियों से जुड़कर आप और अच्छी सैलरी की उम्मीद कर सकते हैं। बतौर फ्रीलांसर आप दूसरी कंपनियों के लिए एप डेवलप करके भी अच्छी अर्निंग शुरू कर सकते हैं।

कामयाब एप डेवलपर्स बनने के टिप्स

  • सभी मोबाइल एप अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर डेवलप होते हैं, जैसे-फ्लैश, जावा, सीएसएस, पैथोन आदि। अब यह आप पर है कि इनमें से किस प्लेटफॉर्म पर एप डेवलप करना चाहते हैं, इसके लिए अपनी स्किल और रुचि के अनुसार प्लेटफॉर्म चुनें।
  • एप डेवलप करने के लिए लगातार अभ्यास करते रहने की जरूरत होती है। मार्केट के अनुसार अपडेट रहना भी आवश्यक है। चूंकि इस फील्ड में कॉम्पिटिशन भी है, रोज नए-नए एप बन रहे हैं, इसलिए यह कभी नहीं सोचना चाहिए कि आपका पहला एप्लिकेशन ही जबरदस्त होगा। शुरुआत में ऐसा एप डेवलप करने पर फोकस करें, जो यूजर्स के लिए फ्रेंडली होने के साथसाथ यूजफुल भी हो।
  • इन दिनों कई तरह के एप डेवलप होने लगे हैं, जो अलग-अलग उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होते हैं। इसके लिए पहले से प्लान तैयार कर लें और फिर जरूरत के अनुसार उसके फीचर्स आदि पर ध्यान दें।

तकनीक के साथ आगे बढ़ने का मौका

आज से 10 साल पहले जो काम वेबसाइट्स के जरिए किए जाते थे, आज मोबाइल का प्रसार बहुत ज्यादा हो जाने के कारण वही काम स्मार्टफोन के माध्यम से होने लगा है। लेकिन मोबाइल से करने के लिए वेबसाइट का स्वरूप ज्यादा अनुकूल नहीं होता है, क्योंकि मोबाइल की स्क्रीन छोटी होती है। ऐसे में मोबाइल के लिए एप की अवधारणा सामने आई, ताकि एप्लिकेशन के जरिए मोबाइल पर सूचनाएं/सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मोबाइल पर केंद्रित होने के कारण एप की पूरी डिजाइन ही ऐसी बनाई जाती है, जिससे मोबाइल की स्क्रीन पर अधिकतम सुविधाएं दी जा सकें। वहीं, मोबाइल एप आने से संभावनाएं भी बढ़ी हैं, क्योंकि यह वेबसाइट से कहीं ज्यादा बड़ा मार्केट है। यहां लोग ज्यादा हैं, इसकी पहुंच ज्यादा है और यह सस्ता भी है। देश में अभी करीब एक अरब के आसपास लोग मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं। इसलिए यह रोजगार का एक अच्छा विकल्प भी बनकर उभर रहा है।

बालेंदु दाधीच, टेक एक्सपर्ट

प्रमुख संस्थान

  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास www.iitmad.tech
  • एपेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ मल्टीमीडिया, कोयंबटूर www.apexmultimediaz.com
  • एंड्रॉयड इंस्टीट्यूट, कोलकाता http://androidinstitute.in 

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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