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प्रयागराज, जेएनएन। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2019 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुक्रवार से शुरू हो रहा है। इसमें नियम-निर्देश पिछले वर्षों जैसे ही हैं, केवल मोबाइल के इस्तेमाल पर विशेष सख्ती बरती जा रही है। कॉपियां जांचने का कार्य वरिष्ठ शिक्षक करते हैं, इसलिए मोबाइल प्रतिबंधित न करके उसका प्रयोग वर्जित किया गया है। हर केंद्र की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों की भी तैनाती की गई है, वहीं अंकेक्षण कार्य सजगता करने के निर्देश हैं।

यूपी बोर्ड की जिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना है, उनकी संख्या इस बार तीन करोड़ बीस लाख है। इसके लिए 229 केंद्र बनाए गए हैं। हर जिले में मुख्यालय के अलावा मंडलों में कई केंद्र बनाए गए हैं। हर परीक्षक को इंटर की 45 व हाईस्कूल की 50 कॉपियां प्रतिदिन जांचनी है। इसके लिए एक लाख 24 हजार परीक्षक लगाए गए हैं, जो पिछले वर्ष से करीब 20 हजार कम हैं। ज्ञात हो कि इंटर में 39 विषयों का एक प्रश्नपत्र का इम्तिहान हुआ है इसलिए कॉपियों की संख्या घट गई है। अहम विषयों में एक प्रश्नपत्र की परीक्षा होने से यूपी बोर्ड ने जिलों को विषयवार निर्देश भेजे हैं। मूल्यांकन कार्य प्रतिदिन सुबह दस से शाम पांच बजे तक चलेगा।

बोर्ड प्रशासन का यह भी निर्देश है कि जिस तरह परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों के गैरहाजिर होने की सूचना वेबसाइट पर दी जाती रही है, उसी तरह से प्रतिदिन आने वाले परीक्षक व जांची गई कॉपियों का ब्योरा भी वेबसाइट के माध्यम से भेजा जाए। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है, ताकि मुख्यालय से ही कार्य की निगरानी होती रहेगी, साथ ही परीक्षा परिणाम तैयार कराने में सहूलियत रहेगी।

शुरू व अंत में प्रभावित होगा कार्य
उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन वैसे तो आठ से 22 मार्च यानी 15 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन, शुरुआत के दो दिनों आठ व नौ मार्च को 12 मंडल मुख्यालयों में टीजीटी 2016 की लिखित परीक्षा होने से वहां कार्य प्रभावित होगा। वहीं, अंत में होली का अवकाश होने से भी कार्य ठप रहेगा। संभव है कि मूल्यांकन कार्य मार्च के अंतिम सप्ताह में ही पूरा हो सकेगा। उसके बाद ही परीक्षा परिणाम तैयार किया जाएगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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