नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) में 12वीं की हिंदी (ऐच्छिक) परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए छात्रों को समय प्रबंधन का विशेष ध्यान देना होगा। अक्सर इसे अन्य विषयों की तुलना में कम आंका जाता है और परीक्षार्थी सामान्य तैयारी ही करते हैं।

करोल बाग स्थित राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय में हिंदी के शिक्षक नवीन चंद्र त्रिपाठी बताते हैं कि हिंदी भी अन्य विषयों की तरह बेहद ही स्कोरिंग सब्जेक्ट है। प्रश्नपत्र में कुल 14 प्रश्न पूछे जाएंगे। दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों को हल करने में छात्र ज्यादा समय लगा देते हैं, जिससे कई प्रश्न छूट जाते हैं। ऐसे में अंकों के अनुसार प्रश्नों के उत्तर दें। लघुउत्तरीय प्रश्नों में ज्यादा समय न लगाएं ताकि सभी प्रश्न हल हो सकें। पाठयक्रम को ठीक से पढ़कर समझ लें। प्रश्न एनसीईआरटी की पुस्तक के आधार पर ही तैयार किए जाते हैं। अत: पाठ का सम्यक अध्ययन करना चाहिए।

कैसे करें तैयारी

हिंदी की परीक्षा में अभी समय है छात्र बार-बार अभ्यास करें। पूरे वर्षभर आपने जो नोट्स तैयार किए हैं उनका अभ्यास करें। पढ़ते समय महत्वपूर्ण अंश को रेखांकित कर लें। यदि दीर्घ उत्तर वाले प्रश्नों का उत्तर याद न हो पा रहे हों तो महत्वपूर्ण ¨बदुओं को लिखकर याद कर लें। व्याकरण वाला भाग बेहतर तरीके से तैयार करें। प्रश्न बैंक को हल करने का प्रयास करें।

इन बातों पर विशेष ध्यान दें

हिंदी को भी परीक्षार्थी गणित या अंग्रेजी विषय की तरह लें। परीक्षार्थी अक्सर हिंदी प्रश्न पत्र में गद्य और पद्य के पैसेज को सही से नहीं पढ़ते। उसे पढ़कर ही उत्तर दें। यही नहीं अब चूंकि बोर्ड ने दो की जगह एक ही पेपर कर दिया है तो ज्यादा न लिखें। हर प्रश्न के लिए निर्धारित शब्द हैं उन्हीं शब्दों में लिखें। प्रश्नों का उत्तर लिखते समय अनावश्यक विस्तार से बचें, उत्तर देते समय महत्वपूर्ण अंशों को रेखांकित कर दें। प्रश्न में जो पूछा गया है उसका सटीक जवाब दें। भाषा की शुद्धता तथा सम्यक प्रस्तुतिकरण का ध्यान रखें।

उत्तर देते समय भाषा की शुद्धता, सटीकता, तार्किकता, प्रस्तुतीकरण तथा समय प्रबंधन का पूरा ध्यान रखें। प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूरे आत्मविश्वास के साथ उत्तर लिखें।

ये पाठ हैं महत्वपूर्ण

प्रेमघन की छायास्मृति, कच्चा चिट्ठा, जहां कोई वापसी न हो, कुटज, यथास्मै रोचते विश्व। वहीं, काव्यखंड में जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, घनानंद, विद्यापति, जायसी और पूरक पाठों में सूरदास की झोपड़ी, बिस्कोहर की माटी पर विशेष ध्यान दें। अगर इन चीजों पर भी ध्यान दिया जाए तो विद्यार्थी अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

Posted By: Neel Rajput

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