प्रयागराज, ऑनलाइन डेस्क। शासन का जोर त्वरित, निष्पक्ष व पारदर्शी कार्यप्रणाली पर है। लेकिन, उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में ठीक उल्टा हो रहा है। यहां के कार्यो पर समय-समय पर पक्षपात करने का आरोप लगता रहा है। वहीं, काम की प्रक्रिया अत्यंत सुस्त है। आयोग तीन साल में विज्ञापन संख्या 47 के तहत चल रही असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती पूरी नहीं करा पाया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए भर्ती मार्च 2020 के बाद ही पूरी होने के आसार हैं। इसीलिए प्राचार्य सहित दूसरी भर्तियों की प्रक्रिया रुकी है।

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद की भर्ती का विज्ञापन 2016 में निकाला था। विज्ञापन संख्या 47 के तहत 35 विषयों में 1150 पदों की भर्ती निकाली गई।

विज्ञापन निकालने के बाद प्रक्रिया ठंडे बस्ते में डाल दी गई, फिर उसकी लिखित परीक्षा 15 दिसंबर 2018, पांच व 12 जनवरी 2019 को कराई गई। लिखित परीक्षा का परिणाम मई व जून में घोषित हुआ। अभी तक 34 विषयों की लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित हो चुका है, जबकि शिक्षाशास्त्र का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के चलते परिणाम घोषित नहीं हुआ। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 29 जुलाई को शुरू किया गया। अभी तक 31 विषयों के 550 पदों का परिणाम घोषित हो चुका है। लेकिन, किसी भी चयनित को नियुक्ति नहीं मिली है। इस समय हिंदी व समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार चल रहा है। साक्षात्कार फरवरी तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद शिक्षाशास्त्र व राजनीतिक विज्ञान विषय के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होगा।

माह में आधे दिन ही इंटरव्यू

भर्ती प्रक्रिया लंबी खिंचने की वजह उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग प्रतिमाह 10 से 15 दिन ही साक्षात्कार करा रहा है। प्रक्रिया खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।

उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की सचिव डॉ. वंदना त्रिपाठी ने बताया कि विज्ञापन संख्या 47 की भर्ती नियमानुसार चल रही है। साक्षात्कार के साथ उसका परिणाम भी घोषित किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया अपने प्रारूप के अनुरूप ही पूरी होगी।

Posted By: Neel Rajput

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