नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। AICTE Notice 2021 on Study Abroad: यदि आप भारतीय नागरिक हैं या भारत के प्रवासी नागरिक हैं और पाकिस्तान में इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं तो यह जरूरी खबर आपके लिए है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE/ अभातशिप) ने पाकिस्तान स्थित संस्थानों से इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से सम्बन्धित कोर्सेस में दाखिले के लिए परिषद अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना आवश्यक कर दिया है। परिषद द्वारा 26 अक्टूबर 2021 को जारी नोटिस के अनुसार, “किसी भी ऐसे भारतीय नागरिक/भारत के प्रवासी नागरिक द्वारा, जो पाकिस्तान में इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कार्यक्रम हेतु उच्च शिक्षा में प्रवेश प्राप्त करना चाहते हैं, अभातशिप से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाना अपेक्षित है।”

ऐसे प्राप्त कर सकते हैं अनापत्ति प्रमाण-पत्र

AICTE ने अपने सार्वजनिक सूचना में कहा है कि ऐसे सभी स्टूडेंट्स को अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए परिषद की आधिकारिक वेबसाइट, aicte-india.org पर उपलब्ध कराये गये निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा।

क्यों पड़ी आवश्यकता?

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सदस्य सचिव की तरफ से जारी अपडेट में कहा गया है कि कई स्टूडेंट्स टेक्निकल फील्ड में अंडर-ग्रेजुएट या पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स करने विदेश जाते हैं। इनमें से कई छात्र-छात्राएं ऐसे संस्थानों या कोर्स में दाखिला ले लेते हैं जिनकी मान्यता नहीं होती है। ऐसे में स्टूडेंट्स को इन डिग्रियों के प्रमाणीकरण और समकक्षता के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं। AICTE के नोटिस के अनुसार, “कई बार स्टूडेंट्स को मिली डिग्रियां भारतीय संस्थानों की डिग्रियों के बराबर भी नहीं होती हैं। जिसके कारण इस तरह की गैर-समकक्षता वाली तकनीकी डिग्री प्राप्त करने के लिए भारी मात्रा में शुल्क खर्च करने के उपरांत भी ऐसे विद्यार्थियों को विदेशी विश्वविद्यालयों से डिग्री प्राप्त करने के बाद भारत में नौकरियों (सरकारी/निजी क्षेत्र) अथवा उच्च शिक्षा में अवसर प्राप्त करने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अभातशिप द्वारा उक्त मुद्दे का संज्ञान लिया गया है और ऐसे विद्यार्थियों के माता-पिता का उन पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ से बचाव के लिए अभातशिप द्वारा चेतावनी जारी की जा रही है कि विद्यार्थी ऐसी डिग्री प्राप्त करने से पूर्व उसकी वैधता सावधानी पूर्वक जांच सुनिश्चित कर लें।”

Edited By: Rishi Sonwal