हाथरस, जागरण संवाददाता। Negligence : 15 अगस्त को Flag hoisting at Amrit Sarovar हाेने का सपना कहीं अधूरा ही न जाए। इसे लेकर भले अफसरों को चिंता न हो मगर गांव वालों को खूब चिंता है। मगर कहावत है कि जहां चाह नहीं वहां राह नहीं। in a slump देखिए कि महीने भर पहले आए rural development agency के परियोजना निदेशक से मौके पर सरोवरों का हाल देखना तक उचित नहीं समझा। ब्लाक सहपऊ के मढ़ापिथु के सरोवर को ही देख लीजिए, वहां गिने- चुने मनरेगा मजदूर खुदाई पर ही अटके हैं। पक्का काम तो दूर-दूर तक नहीं दिख रहा।

Excavation work done by MNREGA workers : भले ही अमृत सरोवरों के तैयार होने का दावा किया जा रहा है, वहां हकीकत में बुरा हाल है। कहीं पक्का निर्माण नहीं हुआ तो कहीं मनरेगा मजदूरों से पोखरों की खोदाई तक काम कराया है। ब्लाक सहपऊ के ग्राम मढ़ापिथु में अमृत सरोवर बनने का ख्वाब अधूरा है। यहां कुछ मनरेगा मजदूर खुदाई का काम करते दिखे। बाकी पक्का काम दूर दूर तक नहीं दिख रहा। पोखर की खुदाई तक पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में 15 अगस्त पर ध्वजारोहरण होने की उम्मीद तो फिर कल्पना से परे है।

ध्‍वजारोहण को नहीं बना प्‍लेटफार्म : बता दें कि water conservation के लिए जिन 75 तालाबों को Amrit Sarovar के रूप से विकसित करने का दावा किया गया है। मगर हकीकत कुछ और ही है। ध्वजारोहण के लिए न तो प्लेटफार्म बनाया गया है और न ही पोखर के आसपास साफ-सफाई नजर आ रही है। हालांकि दावे किए जा रहे हैं कि 15 अगस्त से पहले अमृत सरोवरों पर काम पूरा कर लिया जाएगा।

ये किये थे प्रशासन ने दावे : जल संरक्षण और आमजन की सहूलियत के लिए जिले में 105 तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने की योजना बनी थी। एक सरोवर के विकास पर 40 लाख रुपये खर्च का दावा किया गया। इन पर राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस व गांधी जयंती पर शहीदों की स्मृति में राष्ट्रध्वज फहराकर कार्यक्रम आयोजित होने हैं।

इनका कहना है

जिन अमृत सरोवरों पर काम होना है वहां भी काम जल्द शुरू कराया जाएगा। 15 अगस्त को एक साथ सभी अमृत सरोवरों पर ध्वजारोहण इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि सभी तैयार नहीं हैं, जो सरोवर तैयार हैं वहां ध्वजारोहण कराया जाएगा।

- राजेश कुमार कुरील, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण हाथरस।

Edited By: Anil Kushwaha