गगरेट,संवाद सहयोगी। पर्यावरण सरक्षण को लेकर जिला ऊना में पंचायत स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम चला हुआ है जिसमें पंचायत को मनरेगा के तहत पौधारोपण के लिए निर्देश जारी किए गए है। ये कार्यक्रम पहले ऊना के पेखूबेला स्कूल से शुरू किया गया जिसमें 300 पौधे आम के लगाए गए उसके बाद हरोली में और फिर उसी कड़ी के तहत गगरेट खंड के गांव दियोली स्थित मछली बीज पालन केंद्र में पौधरोपण का कार्यक्रम ज़िलाधीश ऊना राघव शर्मा द्वारा किया गया। इस कार्य के लिए एक लाख रुपये की लागत आएगी और करीब 300 पौधे लगाए जाएंगे जिसमें ड्रेगन फ्रूट, बेहडा,आम इत्यादि के पौधे शामिल किए गए है। उपायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि प्रति वर्ष पर्यावरण को नुकसान हो रहा है मृदा कटाव के साथ साथ जल स्तर भी चिंताजनक स्थिति में है यदि समय रहते इस स्थिति की रोकथाम नहीं की गई तो हालात बिगड़ जाएंगे इसको रोकने के लिए सबसे आसान तरीका है अपने आसपास पौधे लगाए जाएं।

इसलिए हर पंचायत को पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एक लाख रुपये की मनरेगा में सहायता राशि दी जा रही है ताकि पौधरोपण के लिए पैसे की कमी आढ़े न आए। उपायुक्त ऊना ने कहा कि यदि कोई अपनी निजी भूमि में भी पौधरोपण करवाना चाहता है तो उसके लिए अपनी पंचायत या फिर खंड विकास अधिकारी से सम्पर्क कर सकते है इसके लिए मनरेगा के तहत एक लाख रुपये तक कि सहायता मिलेगी और पँचायत को भी ये छूट दी गई है कि पौधरोपण के लिए लम्बी कागजी प्रकिया की बजाए अब सीधा एक लाख रुपए की सहायता भूमि मालिक को दे पाएंगे। लाभार्थी को ये सहायता नगद राशि के रूप में नही होगा बल्कि मनरेगा के तहत मजदूरी या पौधे की किम्मत के रूप में भूमि मालिक को दी जाएगी ।

Edited By: Richa Rana