जागरण संवाददाता, शिमला : राजधानी शिमला में मंगलवार रात हुई वर्षा के बाद बुधवार सुबह शहर में रफ्तार थम गई। टालैंड से आगे सड़क पर ल्हासा गिरने के कारण छह वाहन इसके नीचे दब गए। इनमें से तीन वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। तीन वाहनों को थोड़ी क्षति पहुंची है। उपायुक्त कार्यालय को जाने वाले रास्ते पर भी पेड़ गिरा। इस कारण उपायुक्त कार्यालय का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।

उपायुक्त कार्यालय की ओर आने वाले वाहनों को सुबह साढ़े नौ बजे तक रोक दिया गया। टाडैंड के पास रास्ता बंद होने के बाद स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें बाईपास या सील्ड रोड से होकर स्कूल जाना पड़ा। खलीनी, छोटा शिमला से लेकर कुसुम्पटी एसडीए कांपलेक्स आदि क्षेत्रों से बच्चे दूसरे रास्ते से स्कूल गए। विद्यार्थियों व कर्मचारियों को पैदल सफर करना पड़ा। बुधवार सुबह पूरे शिमला शहर में यातायात जाम रहा। कुछ वाहनों को सील्ड रोड से या बाईपास से भेज दिया गया। लोगों को ज्यादा परेशानी न हो, इसके लिए विकल्प के तौर पर उन्हें दूसरे रास्ते से भेजा गया। वहीं, आइजीएमसी के निकट नाले में भूस्खलन होने से सड़क बंद हो गई। इसे खोलने का काम भी शुरू कर दिया गया था। जब तक मार्ग बहाली का काम शुरू किया जाता, उस समय तक लोगों और मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कुफरी से ढली मंडी तक ट्रकों का जाम

वर्षा के बाद कुफरी के समीप हसन वैली में सेब से लदे दो ट्राला शिमला की ओर आने वाले रास्ते में फंस गए। कुफरी से लेकर ढली मंडी तक ट्रकों का जाम लग गया। सेब की फसल को मंडी ला रहे वाहनों की दिन में 11 बजे तक लंबी कतारें दोनों तरफ लग गई। बागवान देर से मंडी में पहुंचे। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने इन दोनों ट्रालों को सड़क के किनारे करवाया और यातायात बहाल किया जा सका। इतने समय तक ढली मंडी में फसल लेकर जाने वाले बागवानों को मंडी पहुंचने में दिक्कत हुई। पांच से छह घंटे जाम में फंसे रहे बागवान

बागवान बुधवार सुबह 6:00 बजे हसन वैली पहुंच गए थे। वे पांच से छह घंटे तक जाम में फंसे रहे। उन्हें ढली मंडी पहुंचने के लिए दिन में 11 बजे तक का समय लग गया। इस कारण उन्हें फसल का दाम भी उचित नहीं मिल पाया। सुबह 9:30 बजे खुला टालैंड का रास्ता

शिमला शहर में रातभर हुई वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए बुधवार सुबह ही पुलिस प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों को सूचना दे दी गई थी। बंद सड़क को खोलने के लिए मशीनों और मजदूरों को लाने के लिए समय लग गया। इसलिए टालैंड का रास्ता सुबह 9:30 बजे खुला। इससे पहले सभी को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी राज्य सचिवालय स्थित कार्यालय और एसडीए स्थित अपने कार्यालय जाने वाले लोगों को हुई। लोग बाईपास से होकर अपने कार्यालय पहुंचे। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर रवाना कर दिया था। अन्य विभागों की ओर से मशीनें और मजदूर भेजे गए थे। मार्ग पर गिरे हुए पेड़ों से लेकर मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया गया था।

-अजय भारद्वाज, डीएसपी शिमला

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