जागरण संवाददाता, भागलपुर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार शर्मा ने तातारपुर दुष्कर्म कांड में बुधवार को निर्णय देते हुए तीन आरोपितों को दोषी पाते हुए दोषी अभियुक्तों में मुहम्मद अली को दस साल की कैद की सजा दी है। अली को दस हजार रुपये का अर्थदंड भी देने का आदेश दिया है। न्यायाधीश ने दो अन्य दोषियों मुहम्मद खतरू उर्फ नुरू और अब्दुल सत्तार को दो साल की सजा दी है। उनके शारीरिक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेल बांड पर सशर्त मुक्ति दे दी है। अभियुक्त हुसैनाबाद शहबाजनगर और हबीबपुर के नवाब कालोनी के रहने वाले हैं। सरकार की तरफ से अपर लोक अभियोजक काशीनाथ मिश्रा ने बहस में भाग लिया।

डीआइजी के निर्देश पर दर्ज हुआ था तातारपुर थाने में केस

मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र निवासी पीडि़ता ने अभियुक्त मुहम्मद अली पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना विवाह से इनकार करने का आरोप लगाते हुए 2018 में मोजाहिदपुर, हबीबपुर और तातारपुर थाने में केस दर्ज कर न्याय की गुहार लगा अर्जी दी थी। उक्त अर्जी पर पुलिस ने तब केस नहीं दर्ज किया था। निराश पीडि़ता ने तब डीआइजी के समक्ष न्याय की गुहार लगाई थी। डीआइजी के निर्देश पर तातारपुर थाने में एक सितंबर 2018 को केस दर्ज किया गया था। दर्ज केस में पीडि़ता ने अभियुक्त अली पर आरोप लगाया था कि उसके मोबाइल पर करीब दो सौ मिस्ड काल अली का आया था जिसके बाद उससे दोस्ती हुई थी। मिलना-जुलना बढऩे लगा था। पीडि़ता ने पुलिस को जानकारी दी थ कि अली ने झांसा देकर प्यार किया था इसका उसे आभास नहीं हो सका था। उसने उसे जाल में फंसा कर 19 जून 2018 को नवगछिया के राजश्री होटल में जबरन शारीरिक संबंध कायम किया था। दबाव बनाने पर वह शादी के लिए तैयार हुआ था। पंचायत में शादी की तिथि 23 नवंबर 2018 रखी गई थी। लेकिन वह फोन पर ना तो बात करता था ना ही शादी करना चाहता था। उसने शादी के लिए पांच लाख रुपये नकद, सोने के जेवरात और एक अपाचे गाड़ी की मांग करने लगा था। इस बीच वह घर पर मां-पिता के नहीं रहने पर जबरन यौन शोषण करता रहा था।

छात्रा से दुष्कर्म में अभियुक्त को सात साल की कैद, दस हजार अर्थदंड

विशेष पाक्सो न्यायाधीश लवकुश कुमार ने बुधवार को छात्रा से दुष्कर्म के एक मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त रंजीत रविदास को सात साल की कैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त को दस हजार रुपये का अर्थदंड देने का आदेश दिया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की सूरत में तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सरकार की तरफ से विशेष लोक अभियोजक नरेश प्रसाद राम और जयकरण गुप्ता ने बहस में भाग लिया। घटना कहलगांव के एकचारी थाना क्षेत्र में 17 अप्रैल 2017 में हुई थी। छात्रवृत्ति लेने रामपुर कालेज गई 16 वर्षीय छात्रा शाम तक जब घर नहीं लौटी तो घर वालों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। उस दौरान पिता को यह जानकारी मिली कि पुत्री का शादी की नीयत से अपहरण कर लिया गया है। एकचारी थाने की पुलिस ने घटना के बाद कटिहार के कुरसेला से आरोपित रंजीत रविदास और पीडि़ता को बरामद कर लिया गया था।

हत्याकांड में अभियुक्त को उम्रकैद

चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहलगांव थाना क्षेत्र में 2004 में हुई एक हत्याकांड की सुनवाई पूरी करते हुए दोषी अभियुक्त अमरेंद्र कुमार स‍िंह को सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियुक्त् को आम्र्स एक्ट में तीन वर्ष की सजा के अलावा दस हजार रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की सूरत में तीन माह की अतिरिक्त कारावास अभियुक्त को काटनी होगी।

Edited By: Dilip Kumar Shukla