अमृत महोत्सव पर सेंट्रल जेल से छूटेंगे आठ बंदी

जागरण संवाददाता, गिरिडीह : राष्ट्रीय जेल अदालत के आयोजन और अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की दो बैठक हुई थी। प्रधान जिला जज वीणा मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में काराधीन बंदियों की सूची सौपी गई थी। इनमें तीन सौ 50 बंदियों का रिव्यू डालसा के सचिव सौरव कुमार गौतम ने पेश किया था। इस कमेटी में प्रधान जिला जज के अलावा, डीसी, एसपी, जेल अधीक्षक, सिविल सर्जन, डालसा के सचिव व जीपी आदि होते हैं। कमेटी ने सेंट्रल जेल में सजा काट रहे और जेल में समय बिता रहे विचाराधीन बंदियों के बारे जानकारी ली। सेंट्रल जेल से ऐसे बंदियों की सूची मंगाई गई थी। कुछ ऐसे भी बंदी हैं जो नियमित जमानत के लिए आवेदन भी नहीं दे सकते हैं। वहीं आधे से अधिक सजा काट रहे बंदियों को छोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसका लाभ वही बंदी ले पाएंगे जिन पर सिर्फ एक ही मामला लंबित हो। एक से अधिक मामले में बंद आरोपितों के मामले पर विचार नहीं किया जाएगा।

अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी ने न्यायालय से रिकार्ड के आधार पर जानकारी ली। इनमें से पंद्रह बंदियों को चिन्हित कर उनके मामलों पर विचार विमर्श कर अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी के समक्ष लाया गया। अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी के सभी सदस्यों ने 15 काराधीन बंदियों की विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श करते हुए सर्वसम्मति से इनमें से आठ बंदियों के मामलों को जमानत के लिए भेजा। इसे संबंधित न्यायालयों को निर्देश दिया गया। आजादी की इस 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर काराधीन बंदियों के लिए यह अभियान एक सौगात की तरह बनकर आया है। न्याय प्रशासन व कारा प्रशासन की ओर से इस अभियान के तहत अधिक से अधिक बंदियों की रिहाई किया जाना है। इन आठ बंदियों को स्वतंत्रता दिवस पर जमानत पर छोड़ा जाएगा। इसे लेकर जेल प्रशासन ने भी तैयारी पूरी कर ली है। स्वतंत्रता दिवस पर सेंट्रल जेल में लगने वाली जेल अदालत में इन बंदियों की आवश्यक कार्रवाई कर छोड़ा जाएगा। जेल अदालत में प्रधान जिला जज वीणा मिश्रा के साथ अपर जिला जज, सीजेएम, डालसा सचिव और न्यायिक दंडाधिकारी मौजूद रहेंगे।

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