संविदा कर्मियों ने आउटसोर्सिंग कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा

जागरण संवाददाता, रुड़की: केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) के करीब डेढ़ सौ आउटसोर्स कर्मियों ने संस्थान के गेट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने दिल्ली की आउटसोर्स कंपनी का टेंडर निरस्त करने की मांग की। साथ ही, संस्थान की विभिन्न लैब और विभागों में काम कर रहे इन कर्मियों ने आरोप लगाया कि नई कंपनी के ठेकेदार नौकरी पर रखे जाने के लिए पहले नकद पैसे की मांग कर रहे थे। अब पैसे नहीं देने पर वेतन में से 15 प्रतिशत काटने और 12 प्रतिशत ईपीएफ नहीं देने की बात कह रहे हैं।

सीबीआरआइ में हाल में दिल्ली एक नई कंपनी को टेंडर जारी किया गया है। जिसके जरिये कंपनी संस्थान में काम कर रहे कर्मियों की नए सिरे से औपचारिकताएं पूरी कर रही है। ऐसे सौ से अधिक कर्मियों ने गुरुवार को संस्थान के गेट पर कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मियों ने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से प्रति व्यक्ति से दस हजार मांगे जा रहे हैं। जब उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया तो कंपनी ने हर कर्मचारी के वेतन से 15 प्रतिशत काटे जाने, ईपीएफ से 12 प्रतिशत व बोनस का 8.33 प्रतिशत नहीं देने की धमकी दी जा रही है। इनका कहना था कि महीने का वेतन ही करीब 12 हजार रुपये हैं। यदि पैसे काटे गए तो उनके पास कुछ नहीं बचेगा। कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी ने नवीनीकरण की प्रक्रिया भी बेहद जटिल कर दी है। कई पेज के फार्म पर केवल उनसे हस्ताक्षर मांगे जा रहे हैं। यदि वे हस्ताक्षर करते हैं तो उनके हाथ बंध जाएंगे। गुस्साए कर्मियों ने संस्थान से कंपनी का टेंडर निरस्त करने की मांग की है। उधर संस्थान प्रशासनिक अधिकारी प्रवेश चंद्र ने इस संबंध में कुछ भी कहने के लिए अधिकृत नहीं होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया। प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को भूपेंद्र सिंह, उदय सिंह नेगी, सुरेंद्र कुमार, विकास कुमार, अभिषेक राणा, मोहित कटारिया, रामकुमार, दिनेश सैनी, गगन कुमार, विकास कुमार, सचिन, आकाश कुमार, हर्षित सिंघल, रवि विश्वकर्मा, वंश कश्यप, राहुल, फहीम, अभिषेक, मनीष यादव, आकाश, गौरव कश्यप, अयाज अली, मनजीत, सुरजीत, विपिन कुमार, वरुण थापा, जितेंद्र, विष्णु अनिल, अमन सिंह आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jagran

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