सीतामढ़ी। सोनबरसा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में मध्याह्न भोजन में लगातार मिल रही शिकायत के बाद पिछले एक महीनों से पीएम पोषण योजना के डीपीओ संजय कुमार देव कन्हैया द्वारा की जा रही कार्रवाई से हड़कंप मचा है। इस मामले कई प्रधानाध्यापकों पर गाज गिर चुकी है। कई निलंबित प्रधानाध्यपक द्वारा कार्य भार नहीं सौंपने जाने को लेकर डीपीओ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मध्याह्न भोजन बंद होने एवं उपावंटित अनाज का ससमय वितरण नहीं कराने के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति के गठन का आग्रह किया है। जिससे दोषी पदाधिकारी एवं कर्मी को चिन्हित कराकर बर्बाद हुए अनाज की कीमत विभाग को वापस कराने की कार्रवाई की जा सके। प्रभारी प्रधानाध्यापक का प्रभार वरीय शिक्षक को दिला कर विद्यालय विधिवत संचालित कराने तथा मध्याह्न भोजन बंद रखने के दोषी पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई का अनुरोध किया है। डीपीओ कन्हैया ने कहा कि प्रखंड के मध्य विद्यालय सरबरपुर, मध्य विद्यालय चिलरा एवं परिहार प्रखंड के मध्य विद्यालय नरंगा में अनाज भंडारित रखकर बर्बाद कराने के आरोप में प्रधानाध्यापकों को निलंबित किया जा चुका है। वहीं बीआरपी सोनबरसा के मानदेय से 10 प्रतिशत कटौती करते हुए उनको हटाकर दूसरे बीआरपी को पदस्थापित किया गया है। जबकि परिहार के अतिरिक्त दायित्व से संतोष बैठा को मुक्त करते हुए मूल पद पर योगदान करा स्थानांतरित करा दिया गया है। निलंबित प्रधानाध्यापकों द्वारा प्रभार नही देने से मध्याह्न भोजन बंद है। उपावंटित अनाज का भंडार रहते हुए उसका परिवहन व्यय का भी भुगतान करा दिया गया। अनाज उठाव वितरण के सत्यापन के बाद ही परिवहन व्यय का भुगतान किया जाता है। ऐसी स्थिति में इसका सत्यापन कर प्रतिवेदन देने वाले भी इसके लिए दोषी हैं। इन बिदुओ को ध्यान में रखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति से जांच आवश्यक है। डीपीओ कन्हैया ने इसकी प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी एवं पीएम पोषण योजना के निदेशक को भी प्रेषित की है।

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