मुकेश मेहरा, मंडी

आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मंडी जिले में बने 82 अमृत सरोवरों में तिरंगा लहराया जाएगा। इनमें कुछ स्थानों पर नालों पर बने चेकडैम को ही अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया गया है। जिले में कुल 124 सरोवर मंजूर हुए हैं। 89 पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, इनमें से 82 आनलाइन कर दिए हैं। सरोवरों में 5.73 करोड़ लीटर पानी सहेजा जाना है।

केंद्र सरकार की योजना के तहत एक हेक्टेयर का अमृत सरोवर बनाया जाने का आदेश था। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इसमें राहत दी गई थी। मंडी जिले में जलशक्ति विभाग के 23, वन विभाग के नौ, एसडीएससीओ (सब डिवीजन सोयल कंजरवेशन आफिसर) बगस्याड़ एक, सरकाघाट का एक और मंडी के दो तथा शेष विभिन्न ब्लाकों में तैयार किए गए हैं। इनमें कुछ पंचायतों ने जगह की कमी का हवाला देते हुए उनके यहां नालों पर चेकडैम बना उसको अमृत सरोवर का नाम दिया है। चेकडैम झील की तरह बनते हैं ऐसे में इनका दायरा अधिक दिखता है, लेकिन इससे इसे अमृत सरोवर बनाने का सही महत्व पूरा होता नहीं दिख रहा है। वहीं जहां भी इसका निर्माण हो रहा है, वहां पर इसकी गहराई और आकार क्षेत्रफल के हिसाब से रखा गया है।

रिवालसर की सरकिधार पंचायत में बेहतर सुंदर तरीके से इसका निर्माण किया गया है, वहीं द्रंग हलके के पाली पंचायत में भी। यहां पर 15 अगस्त को तिरंगा फहराने के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है। पांच करोड़ से अधिक राशि होनी है खर्च

जिले में बनने वाले अमृत सरोवर के लिए 5.52 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसमें 60 सरोवर पंचायतीराज विभाग, कृषि व वन विभाग नौ-नौ और जलशक्ति विभाग 26 सरोवर बना रहा है। इनमें सरोवरों की लागत 10 से 20 लाख तक है। कहां, कितने अमृत सरोवर बने

ब्लाक,मंजूर,बने

बल्ह,5,2

बालीचौकी,8,8

चौंतड़ा,5,3

धनोटू,5,5

धर्मपुर,2,0

द्रंग,10,7

गोपालपुर,8,6

करसोग,6,5

मंडी सदर,5,4

निहरी,5,3

सराज,5,3

सुंदरनगर,6,3

बगस्याड़,3,1

सरकाघाट,3,1

मंडी,4,2

जलशक्ति,25,23

डीएफओ मंडी,9,2 मंडी जिले में अभी तक 89 अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं, शेष का कार्य जारी है। जहां पर जगह की दिक्कत है वहां चेकडैम के रूप में अमृत सरोवर बनाए गए हैं। 82 पर तिरंगा लहराने की तैयारी पूरी की जा चुकी है।

-नवीन शर्मा, परियोजना निदेशक डीआरडीए।

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