कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल की ममता बनर्जी सरकार केंद्र पर अक्सर विभिन्न योजनाओं के लिए फंड रोकने से लेकर बकाया नहीं देने का आरोप लगाती रहती है। पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली दौरे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक की थीं, जिसमें उन्होंने पत्र सौंपकर राज्य का केंद्र के पास एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बकाया होने का दावा किया था। इसमें उन्होंने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में 9,329 करोड़ जबकि पीएम ग्राम सड़क योजना में 2105 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया होने की बात कही थी। इसके बाद अब केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसपर खुलासा किया है कि आवास योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा दी गई राशि में से से करीब 1,400 रुपये बंगाल सरकार खर्च नहीं कर सकी हैं। इसी तरह पीएम ग्राम सड़क योजना में भी 278 करोड़ रुपये बचे हुए हैं।

मंत्रालय सूत्रों ने कहा कि किसी भी योजना के लिए राज्य को आवंटित धन एक बार में जारी नहीं किया जाता है। यह काम पर निर्भर करता है और चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाता है। केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने कहा, हो सकता है कि राज्य को कहीं 100 रुपये देने पड़ें,  इसमें से केवल 20 रुपये ही जारी किए गए हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि बचे हुए 80 रुपये का भुगतान अभी राज्य को किया जाए। जैसे-जैसे काम आगे बढ़ता है और राज्य के पास कितना पैसा शेष है, इसके आधार पर फंडा जारी किया जाता है। सभी राज्यों के लिए एक नियम हैं। बता दें कि ममता व उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस भाजपा नीत केंद्र सरकार पर बंगाल व जहां विपक्षी दल की सरकार है, उसके साथ भेदभाव का लगातार आरोप लगाती रही हैं। इसके बाद केंद्र ने आंकड़ों के साथ ममता को आइना दिखाया है।

Edited By: Sumita Jaiswal