अंशु सिंह। देश के युवा किस तरह नित नये आइडियाज पर काम करके उद्यमिता में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं, इसके ताजा मिसाल हैं शौमिक शेट्टी। अमेरिका की जार्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में पढ़ने के दौरान वह अक्‍सर अपने मित्र के साथ विचार-विमर्श किया करते थे कि कैसे अपने देश की राजनीतिक एवं चुनावी व्यवस्था (पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक) में सुधार लाया जा सके? काफी मंथन के बाद उन्होंने चैतन्य शर्मा के साथ नींव रखी फुल स्टैक पालिटिकल एडवाइजरी फर्म ‘पालिटेक्निका’ की। यह राजनीतिक पार्टियों के अलावा व्यक्तिगत रूप से उम्मीदवारों को परामर्श देने के साथ उनके प्री एवं पोस्ट इलेक्शन गतिविधियों का प्रबंधन करती है, उनके लिए चुनावी रणनीति बनाती है। कंपनी के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक शौमिक के अनुसार, यह एक वन स्टाप शाप है जिसकी मदद से विश्व भर के राजनीतिक दल अपनी चुनावी रणनीति बना सकते हैं। कंपनी उन्हें रिसर्च, स्ट्रेटेजी बनाने एवं क्रिएटिव कैंपेन तैयार करने में सहायता करती है। भारत में यह एक नया प्रयोग है,जो उम्मीदों से भरा है।

तीन वर्ष हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड एवं अन्य राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर की योजनाओं पर काम करने से लेकर वहां की राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के बाद शौमिक शेट्टी एवं उनकी टीम ने डाटा कलेक्शन, मतदाताओं की शिकायतों के निपटारे, मतदाताओं को जागरूक करने से संबंधित अभियान से लेकर रिसोर्स आवंटन जैसे अनेक मुद्दों पर एक आधुनिक कार्यप्रणाली विकसित की। पहली बार डाटा साइंस, टेक्नोलाजी एवं न्यू मीडिया की मदद से इन तमाम कार्यों को अंजाम दिया गया। शौमिक की कारपोरेट कंसल्टिंग पृष्ठभूमि रही है। उन्हें अमेरिका समेत देश में इस तरह के कार्य का अच्छा अनुभव रहा है। वे कई राजनेताओं को सुझाव दे चुके हैं कि कैसे अपने विधानसभा या लोकसभा क्षेत्रों के लिए योजनाएं बनाते

समय त्री-स्तरीय आइओसी फ्रेमवर्क (इंप्लीमेंटेशन, आप्टिमाइजेशन एवं कम्युनिकेशन) का इस्तेमाल किया जा सकता है। शौमिक बताते हैं, ‘जमीनी स्तर के इन्हीं अनुभवों, चर्चाओं, वर्क फ्लो एवं प्रक्रियाओं का प्रोडक्ट है ‘पालिटेक्निका’। हमने एक ऐसा माडल तैयार किया है, जो किसी भी स्केल पर काम कर सकता है। सरपंच, पार्षद, एमएलए, एमपी कोई भी इसका प्रयोग कर सकता है। अर्थशास्त्र का स्टूडेंट होने के नाते कह सकता हूं कि इस माडल से राजनीतिक पार्टियों को जरूर फायदा हो सकता है। प्लेटफार्म जितना बड़ा होगा, ‘पालिटेक्निका’ उतनी बेहतर सेवाएं दे पाएगा।'

राजनीति में कर रहे नवाचार: शौमिक के अनुसार, कंपनी के तीन यूनीक फीचर्स हैं। वह बताते हैं, ‘हम राजनीति, रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी के संयोजन के जरिये नवाचार करते हैं। दूसरी खासियत यह है कि हम केवल ग्राहकों को सलाह ही नहीं देते हैं, बल्कि अपनी रणनीति को जमीन पर भी क्रियान्वित करते हैं। इस तरह हम मूल विचार से लेकर निष्पादन तक एकरूपता सुनिश्चित कर रहे हैं। हमारी तीसरी यूएसपी है जमीनी आनुवंशिकी। हमारे सिस्टम और प्रक्रियाएं देश के अंतिम छोर से मिले सबक और अनुभवों के आधार पर तैयार किए गए हैं। सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि इस क्षेत्र में कोई अन्य कंपनी कार्यरत नहीं है।' जहां तक बिजनेस शुरू करने से पहले किसी प्रकार के मार्केट अध्ययन की बात है, तो उस पर शौमिक का कहना है, ‘पालिटेक्निका एक व्यवसाय के रूप में बाकी से थोड़ा अलग है। भारत में इस प्रकार के व्यवसाय को लेकर कोई रोडमैप भी नहीं है। यह बिजनेस माडल फ्रिंज पर काम करता है। हमने जानबूझकर इसका निर्माण एक राजनीतिक नवाचार केंद्र के रूप में किया है। इसका रोडमैप विभिन्न क्षेत्रों के राजनेताओं, मतदाताओं, डिजाइनरों, इंजीनियरों, विश्लेषकों और अन्य विशेषज्ञों के साथ चर्चा और अनुभवों का उपयोग करके विकसित किया गया है। कंपनी में इन सभी डोमेन के विशेषज्ञों की सेवाएं ली गई हैं।’ शौमिक का कहना है कि उन्होंने रचनात्मक, तकनीकी और राजनीतिक क्षेत्रों से एक शानदार समूह एकत्र किया है, जिसमें आइपीएसी, एबीएम, ओगिल्वी, मैकिन्जे और कई अन्य थिंक टैंक, मीडिया व डिजाइन एजेंसियों और राजनीतिक परामर्श जैसे संस्थानों में काम करने वाले लोग हैं।

बूटस्ट्रैप्ड है कंपनी: शौमिक बताते हैं कि इस क्षेत्र में प्रवेश को लेकर कई प्रकार की बाधाएं हैं, इसीलिए इसमें कुछ ही खिलाड़ी हैं। विशेष रूप से जमीनी स्तर पर अनुभव बहुत आवश्यक है। लेकिन यह केवल आधार रेखा बनाता है। इस क्षेत्र में विश्वास और प्रतिष्ठा मुख्य मुद्रा यानी करेंसी है। वह कहते हैं, ‘नेटवर्किंग और सही संदर्भ का होना ही व्यवसाय विकास का एकमात्र रूप है जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं। जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, भारत में राजनीतिक परामर्श फर्म बनाने का कोई रोडमैप नहीं है। कोई निश्चित भर्ती प्रक्रिया नहीं है, कोई ठोस व्यवसाय माडल नहीं है और धन जुटाने वाला कोई चैनल नहीं है। इस क्षेत्र में एक व्यवसाय का निर्माण करने के लिए एक फावड़ा उठाकर अपने लिए रास्ता साफ करने की आवश्यकता होती है। हमने उद्यम को बूटस्ट्रैप से शुरू किया था, लेकिन पहले महीने से ही हम तेजी से बढ़ने के साथ लाभ में रहे हैं।'

युवाओं को आकर्षित करने की कोशिश: अगले साल तीन और प्रमुख शहरों में कंपनी के विस्तार की योजना है। इसके तहत नई दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद में कारपोरेट कार्यालय खोले जाएंगे, ताकि देश के भौगोलिक विस्तार को कवर किया जा सके और ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान की जा सके। शौमिक बताते हैं, ‘हमारे पास राजनीतिक दलों के रूप में कई क्लाइंट हैं। अब जब हमने उद्योग में पैर जमा लिया है, तो हम पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की ओर देख रहे हैं। हम प्रतिभाओं की एक पाइपलाइन चाहते हैं। हम उन युवाओं को आकर्षित करना और उन्हें अवसर देना चाहते हैं जो राजनीति में गंभीर करियर की तलाश में हैं। पालिटेक्निका एक रोमांचक करियर के साथ एक सुरक्षित, अभिनव और आशाजनक वातावरण प्रदान करने को लेकर प्रतिबद्ध है। हम न केवल राजनीति में औपचारिक अकादमिक पृष्ठभूमि से, बल्कि डिजाइन, रणनीति, कंप्यूटर विज्ञान और साहित्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभाओं का स्वागत करते हैं ताकि वे हमारी क्रास-डिसिप्लिनरी टीम का हिस्सा बन सकें।'

शौमिक शेट्टी, कोफाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्‍टर, पालिटेक्निका

Edited By: Sanjay Pokhriyal