गोविंद भादू। क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ लोग हमेशा खुश, एनर्जेटिक और ज्यादा प्रोडक्टिव होते हैं। वे किसी भी कार्य को सामान्य लोगों की तुलना में कम समय में और बिना गलती के पूरा कर लेते हैं और हमेशा भीड़ से आगे होते हैं। जबकि दूसरे लोग हमेशा अपने कंफर्ट जोन में रहने के कारण पीछे रह जाते हैं और अपने लक्ष्यों को भी प्राप्‍त नहीं कर पाते। क्या आप भी सही योजना बनाने और प्रयास करने के बावजूद अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। तो इसका एक बड़ा कारण है प्रभावी तरीके से अपना काम न करना। दरअसल, जब आप प्रोडक्टिव तरीके से काम करते हैं तो कम समय में भी अधिकतम परिणाम को प्राप्‍त कर लेते हैं। यह तभी संभव है जब आप शांत मन से सिर्फ उन चीजों पर ही फोकस करें जो वास्तव में महत्वपूर्ण हैं।

ये फार्मूला अपनाएं: जीवन में किसी भी लक्ष्‍य तक पहुंचने के लिए अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य के साथ पाजिटिव माइंडसेट की भी जरूरत होती है। लेकिन इसके लिए आपको अपने दिन के समय को पहले से व्‍यवस्थित करके चलना होगा। सुबह के पहले घंटे के सही इस्तेमाल के लिए 20/20/20 फार्मूला अपनाएं, जो यह बताता है कि 20 मिनट मूव करें, 20 मिनट समय रिफ्लेक्शन और 20 मिनट खुद को इंप्रूव करने में लगाएं। दुनिया के सभी महान और सफल लोगों में एक चीज कामन होती है और वह यह है कि उन्हें पढ़ने और नई चीजें सीखने से बहुत अधिक लगाव होता है।

टू डु लिस्ट तैयार करें: यदि आप जीवन में कुछ अलग करना चाहते हैं और जीतना चाहते हैं तो आपको फोकस करने की आवश्यकता है। रोज सुबह या रात को एक पेन और पेपर लेकर टू डु लिस्ट बना लें। जब आप अपने पूरे दिन को पहले से प्लान करते हैं कि कौन से समय पर आपको क्या करना है और उसे एक लिस्ट के रूप में कागज पर लिख लेते हैं तो आप सभी कामों को प्रोडक्टिव तरीके से पूरा कर पाते हैं। इस लिस्ट में आप अपने दिन के सबसे महत्वपूर्ण या मुश्किल काम को ऐसे स्‍लाट में डाल सकते हैं जब आप खुद को फुर्तीला महसूस करते हो या आपकी जिस समय एफिशिएंसी सबसे ज्यादा होती है। आसान या कम रुचि वाले कामों को उस स्‍लाट में डाल सकते हैं, जहां एफिशिएंसी सबसे कम होती है। ऐसे में आप कम मेहनत में ज्यादा काम कर पाएंगे। यह तरीका आपकी उत्‍पादकता दोगुनी कर देगा।

दो मोबाइल नंबर्स रखें: अगर आप सुपर-प्रोडक्टिव बनाना चाहते हैं तो अपने पास दो मोबाइल नंबर्स रखें। एक जो दुनिया जानती है और दूसरा जो सिर्फ मुट्ठीभर लोग जानते हैं, जैसे कि आपका लाइफ पार्टनर, बच्चे, बास, और बेस्ट फ्रेंड आदि। इस दूसरे नंबर को सिर्फ बात करने के लिए ही रखें। आप इस नंबर पर मोबाइल डाटा या इंटरनेट न इनेबल करें। इस साधारण तरीके से आप डिजिटल दौर की सबसे बड़ी परेशानी को बहुत हद तक कंट्रोल कर पाएंगे और इससे अपनी प्रोडक्टिविटी को भी बढ़ा पाएंगे।

नहीं कहना भी है जरूरी: ‘सफल लोगों’ और ‘वास्तव में सफल लोगों’ के बीच यही अंतर है कि वास्तविक सफल लोग हर किसी के लिए हर वक्‍त मौजूद नहीं होते। वे हर गैर-जरूरी काम को ना कर देते हैं। इसलिए जहां वास्तव में आपकी जरूरत है उसी काम के लिए हां करें। अगर कोई आपको ऐसा काम सौंपता है जो वह खुद आसानी से कर सकता है तो उसे शांत तरीके से साफ मना कर दें।

हार नहीं मानें: यह बहुत स्वाभाविक है कि आज आप अपनी उत्पादकता बढ़ाने को लेकर बहुत उत्‍साहित हैं लेकिन हो सकता है कि कुछ ही दिनों में आप वापस पुराने ढर्रे पर लौट जाएं और जैसे पहले सब कुछ करते आ रहे थे वैसे ही करने लगें। पर इसमें चिंता की कोई बात नहीं, ज्यादातर लोग ऐसा ही करते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग फिर से सुधरने का प्रयास नहीं करते। बस आपको यही प्रयास जारी रखना है। तभी आप करोड़ों की भीड़ से निकल कर हजारों सुपर प्रोडक्टिव लोगों में शामिल हो सकेंगे।

-गोविंद भादू , इंस्पिरेशनल स्पीकर एवं एंटरप्रेन्योर

Edited By: Sanjay Pokhriyal