नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Career Counselling: आमतौर पर सभी युवाओं के मन में अपने कैरियर, कोर्स ऑप्शन, परीक्षा की तैयारी को लेकर बहुत सारे सवाल होते हैं। ऐसे युवाओं का सटीक और विश्वसनीय मार्गदर्शन किया जाना जरूरी होती है। दैनिक जागरण – जोश के विशेष फीचर में यूजर्स बड़ी संख्या में ईमेल करके हमारे कैरियर काउंसलर अरुण श्रीवास्तव को अपने सवाल भेजते हैं, जिनका मार्गदर्शन फीचर के माध्यम से किया जाता है। यूजर्स के प्रश्नों और हमारे एक्सपर्ट काउंसलर के जवाबों से आप भी अपनी कैरियर या एग्जाम की तैयारी से जुड़ी क्वेरीज का हल पा सकते हैं।

लेटेस्ट एडिशन में करियर काउंसलर ने यूजर्स के प्रश्नों के आधार पर जिन क्वेरीज के लिए मार्गदर्शन लिया, उनमें बीकॉम के बाद बैंकिंग जॉब की तैयारी या एमबीए के लिए कैट की तैयारी (Banking Job or MBA Preparation after BCom) और 12वीं के बाद आइएएस बनने का सपना कैसे पूरा करें (IAS Preparation after 12th)  शामिल हैं।

आप अपने सवाल counselor@nda.jagran.com पर भेजकर अपना सवाल पूछ सकते हैं।

बीकॉम सेकंड ईयर का स्टूडेंट हूं। मैं यह तय नहीं कर पा रहा हूं कि मुझे बैंकिंग जॉब के लिए कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी करनी चाहिए या एमबीए के लिए ‘कैट’ की?

-अमन सिंह, ईमेल से

इस तरह की दुविधा से आपकी उम्र के ज्यादातर युवा गुजरते हैं, इसलिए इसे लेकर बहुत ज्यादा परेशान होने की बजाय समाधान के बारे में सोचना चाहिए। यह समाधान कहीं और नहीं, बल्कि आपके पास, आपके भीतर ही है। दरअसल, ज्यादातर युवा सफलता के पीछे भागने की कोशिश में यह भूल जाते हैं कि जिधर वे जाना चाहते हैं, वास्तव में उसमें उनकी रुचि है भी या नहीं? यही कारण है कि यह दौड़ मृग मरीचिका बन जाती है, जो कभी खत्म होने का नाम नहीं लेती। अंतत: इससे हताशा, निराशा और अवसाद होने की आशंका होती है। इससे बचने का उपाय यही है कि आप सबसे पहले खुद के ‘पैशन’ को समझने का प्रयास करें।

अपने आपको अच्छी तरह समझें। मन की सुनें। अपनी रुचियों-पसंद को समझेंगे और उससे संबंधित करियर के क्षेत्र को तलाशेंगे, तो दुविधा का शिकार नहीं होना पड़ेगा। इन बातों के आधार पर तय कर सकते हैं कि बैंकिंग की तैयारी करनी चाहिए या एमबीए की।

मैने 12वीं गणित से 70 फीसद अंकों से पास किया है। अब मुझे आइएएस बनने के लिए क्या करना चाहिए?

-अनिल यादव, ईमेल से

आपने कितने फीसद अंकों से स्कूली परीक्षा पास की है, आइएएस बनने से इसका कोई मतलब नहीं है। अगर कोई चीज सबसे ज्यादा जरूरी है, तो वह है सूझबूझ से भरे ज्ञान की। फिलहाल जिज्ञासा को लगातार बढ़ाते हुए नॉलेज बढ़ाने पर ध्यान दें। आगे ग्रेजुएशन के दौरान तीन साल का भरपूर समय होगा। इसका उपयोग कोर्स के साथसाथ सिविल सेवा परीक्षा के सभी चरणों का ध्यान रखते हुए धारणात्मक ज्ञान बढ़ाने पर पर जोर दें। इसके लिए एनसीईआरटी की बारहवीं तक की किताबों, समाचार पत्रों की खबरों व लेखों की मदद लें। रटने की बजाय समझने पर ध्यान दें, ताकि उन पर आधारित किसी भी तरह के सवाल के जवाब सहजता से दे सकें।

शिक्षा, कैरियर, जॉब और परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े आपके प्रश्नों के जवाब हमारे करियर काउंसलर अरुण श्रीवास्तव ने यूजर्स को पहले भी दिये हैं। जिनकी जानकारी यहां नीचे दिये गये लिंक से ले सकते हैं –

शूटिंग नेशनल प्लेयर के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र में जॉब के अवसर (Govt and Pvt Job Options for Shooting Player) | एमबीए की तैयारी (MBA Preparation)| 12वीं के बाद हिंदी मीडियम से एलएलबी (LLB in Hindi Medium)

बीएससी के बाद हिस्ट्री का टीचर कैसे बनें (How to Become History Teacher after BSc) | बैंक क्लर्क की नौकरी के साथ तैयारी (Exam Prepation with Bank Job) | इग्नू से बीए के बाद यूपीएससी एग्जाम (UPSC Eligibility after BA from IGNOU) | कंप्यूटर नेटवर्किंग या एनिमेशन (Computer Networking or Animation)

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Posted By: Rishi Sonwal

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