विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

18 वर्षीय छात्र आदित्य ने बनाया 'ForeCAT' AI मॉडल, अमेरिकी इंस्टीट्यूट से पाई 83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप

Published: Thu, 17 Sep 2026 03:03 PM (IST)

भारतीय-अमेरिकी 18 वर्षीय छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने हवाई यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक मॉडल विकसित किया। उनके ...और पढ़ें

आदित्य सेनगुप्ता को मिली 83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप।

आदित्य सेनगुप्ता को मिली 83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप।

HighLights

  1. आदित्य ने ForeCAT सिस्टम बनाकर पाई 83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप।

  2. एयरलाइन उद्योग और यात्रियों को मिलेगा लाभ।

करियर डेस्क, नई दिल्ली। एक 18 वर्षीय लड़का या तो इंटरमीडिएट की परीक्षा में भाग लेने जा रहा होता है या ग्रेजुएशन किस क्षेत्र से कर सकते हैं और किस क्षेत्र में करियर बनाना बेहतर रहेगा ये सोच रहा होता है उस उम्र में भारतीय-अमेरिकी छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने 83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप हासिल करके एक नया मुकाम हासिल किया है। उनको यह स्कॉलरशिप ForeCAT AI model विकसित करने के लिए दी गई है।

क्या है ForeCAT AI model

18 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने हवाई यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक सिस्टम तैयार किया है। आदित्य ने 'क्लियर-एयर टर्बुलेंस' (Clear-Air Turbulence) यानी बिना बादलों के अचानक आने वाले खतरनाक हवाई झटकों का सटीक पूर्वानुमान लगाने के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम तैयार किया है।
आदित्य द्वारा विकसित इस AI सिस्टम मॉडल वायुमंडलीय भौतिकी और मशीन लर्निंग का संयोजन है। क्लियर-एयर टर्बुलेंस बिना किसी दृश्य संकेत या बादलों के होता है, जिससे पायलटों को पहले से चेतावनी नहीं मिल पाती। ForeCAT सिस्टम वायुमंडल में हवा के दबाव, तापमान और गतिशीलता का विश्लेषण करके अदृश्य हवा की परतों में पैदा होने वाली हलचल का सटीक अनुमान लगाता है। परीक्षणों में इस AI मॉडल ने 95% सटीकता दर्ज की और पारंपरिक मौसम प्रणालियों को पीछे छोड़ दिया।
इसी को देखते हुए अभूतपूर्व शोध के लिए अमेरिका के 'डेविडसन इंस्टीट्यूट' ने उन्हें '2026 डेविडसन फेलो लॉरिएट' के रूप में चुना है और लगभग $100,000 (लगभग 83 लाख रुपये) की स्कॉलरशिप से सम्मानित किया है।

खुद के अनुभव ने आईडिया को दिया जन्म

आदित्य की ओर से दी गई जानकारी इस मॉडल को विकसित करने का आईडिया उनके खुद के अनुभव से मिला। एक बार हवाई जहाज में उड़ान के दौरान अचानक टर्बुलेन्स आ गया और इतनी आधुनिक तकनीक होने के बावजूद इस खतरे का पहले से पता लगाना इतना कठिन था। इसके बाद उन्होंने स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ खुद ही एडवांस एटमॉस्फेरिक साइंस और कोडिंग सीखी। बड़े डेटासेट को प्रॉसेस करने और शुरुआती असफलताओं से सीखते हुए उन्होंने अंततः इस प्रणाली को तैयार किया।

इस मॉडल से अब एयरलाइन उद्योग और यात्रियों को बड़ा लाभ मिलने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक क्लियर-एयर टर्बुलेंस के कारण न केवल यात्रियों और क्रू सदस्यों के घायल होने का जोखिम रहता है, बल्कि एयरलाइन उद्योग को सालाना लगभग 500 मिलियन डॉलर (लगभग 4,100 करोड़ रुपये) का नुकसान भी होता है। जलवायु परिवर्तन के कारण जेट स्ट्रीम में आ रहे बदलावों से यह समस्या और बढ़ रही है। ForeCAT को एयर ट्रैफिक कंट्रोल और फ्लाइट-प्लानिंग सॉफ्टवेयर के साथ सीधे जोड़ने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे पायलट समय रहते अपना मार्ग बदलकर सुरक्षित उड़ान भर सकेंगे।

यह भी पढ़ें-