जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : रायल होम टाउन प्लानर्स लि. की बीटल लैप हाउसिग प्रोजेक्ट के फ्लैट खरीदारों ने बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। खरीदारों ने राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार संरक्षण आयोग में परिवाद दर्ज कराकर फ्लैट के मौजूदा बाजार दर से ब्याज समेत रकम वापसी की मांग की है। उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक आयोग में भी शिकायत कर कब्जे और वित्तीय क्षतिपूर्ति की मांग की है। खरीदारों की अधिकार की लड़ाई को देखते हुए ही बिल्डर ने यमुना प्राधिकरण से साठ-गांठ कर सशर्त अधिभोग प्रमाणपत्र लेने की चाल चली है।

बीटेल लैप हाउसिग प्रोजेक्ट को बिल्डर ने जहां नोट छापने का जरिया बना लिया है, वहीं खरीदारों के लिए प्रोजेक्ट में निवेश ऐसा गलत फैसला साबित हुआ है, जिसमें लाखों रुपये गंवाकर भी उनके हाथ कुछ नहीं लगा है। लाखों रुपये गंवाकर भी खरीदारों के हिस्से में केवल बिल्डर के झूठे आश्वासन ही आए हैं। इसके भरोसे पिछले कई सालों से खरीदार अपने घर का सपना पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बिल्डर की धोखाधड़ी देखकर खरीदारों का धैर्य अब जवाब दे चुका है।

यही वजह है कि खरीदारों ने बीटल लैप फ्लैट बायर एसोसिएशन का गठन कर अपने हक की लड़ाई की तैयारी कर ली है। करीब 46 खरीदारों ने राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार संरक्षण आयोग में बिल्डर के खिलाफ परिवाद दर्ज करा दिया है। बाजार दर पर ब्याज समेत रकम वापसी की मांग की है। यूपी रेरा के जरिये भी वित्तीय क्षतिपूर्ति दिलाने के साथ फ्लैट पर कब्जा दिलाने की मांग की है। खरीदारों की लामबंदी के घबराकर बिल्डर ने प्राधिकरण से साठ-गांठ की और सशर्त अधिभोग प्रमाणपत्र ले लिया। इससे बिल्डर ने खरीदारों पर आधी-अधूरी सुविधाओं के साथ फ्लैट की रजिस्ट्री कराकर कब्जा लेने की दबाव बनाया है, लेकिन अधिकतर खरीदारों ने बिल्डर के इस दबाव को नकार दिया है। वर्जन..

जब तक बिल्डर विक्रय अनुबंध के अनुसार तय सुविधाओं के साथ कब्जा नहीं सौंपता है, फ्लैट खरीदारों की लडा़ई जारी रहेगी। राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार संरक्षण आयोग और यूपी रेरा में परिवाद दर्ज कराकर हक की मांग की गई है। यमुना प्राधिकरण को भी पत्र भेजकर बिल्डर के खिलाफ कदम उठाने की मांग की है।

-परमेश्वर दयाल गुप्ता, महासचिव, बीटल लैप फ्लैट बायर एसोसिएशन।

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