संवाद सूत्र, सादिक

सादिक दाना मंडी में 22 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर दिए जा रहे धरने की तैयारियों को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की अखिल पंजाब कमेटी के नेतृत्व में सम्मेलन आयोजित किया गया।

इसमें जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि भारत माला परियोजना के तहत सड़कों के निर्माण के कारण किसानों के विस्थापित होने से पहले और पंजाब की उच्चतम दर को एक ऊपरी गांव मानकर अधिक से अधिक राशि का भुगतान करें। समान दर पूरे पंजाब में लागू होनी चाहिए, और जब किसानों के साथ कोई समझौता नहीं होता है और किसानों के साथ कोई निर्णय नहीं होता है और किसान अपनी जमीन के लिए पैसा नहीं लेते हैं, तो सरकार को किसानों द्वारा अधिग्रहित भूमि पर कब्जा करना बंद कर देना चाहिए।

डल्लेवाला ने कहा कि कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए बिजली के निजीकरण के लिए बिजली संशोधन विधेयक 2022 पेश किया गया था। एसकेएम गैर-राजनीतिक की आनलाइन बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा कर देश भर के 60 से अधिक किसान संगठनों ने इस विधेयक के खिलाफ 13 अगस्त को कर्नाटक में और 17 अगस्त को देश के अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि लखीमपुर खीरी हत्याकांड में मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त कर जेल भेजा जाए। किसान संघर्ष के दौरान पूरे भारत में किसानों के खिलाफ दर्ज कागजातों को रद किया जाए, शहीद किसानों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए।

भारत सरकार पर विश्व व्यापार संगठन से हटने का दबाव बनाने, किसानों और श्रमिकों की कुल कर्जमाफी और मोर्चे की बाकी बची मांगों को लागू करने की मांगों के विरोध में 22 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक विशाल सभा का आयोजन किया जाएगा और माननीय राष्ट्रपति को एक मांग पत्र दिया जाएगा।

इस मौके पर जसवीर सिंह सिद्धूपुर सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पंजाब इंदरजीत सिंह गनी जिला महासचिव गुरदित सिंह बाजाखाना जिला वित्त सचिव,नायब सिंह जिला उपाध्यक्ष, उप सिंह नथलवाला जिला उपाध्यक्ष, अध्यक्ष राजिदर सिंह सादिक, अध्यक्ष सुखमंदर सिंह कोटकपुरा, अध्यक्ष चरणजीत सिंह फरीदकोट, अध्यक्ष सुखचैन सिंह गोलेवाला, अध्यक्ष मेजर सिंह बाजखाना, अध्यक्ष चिन्द्र पाल सिंह जैतो आदि आसपास के गांवों के किसान मौजूद थे।

Edited By: Jagran