जागरण संवाददाता, करनाल : देश में मौजूदा दौर में नौसेना के सबसे उम्रदराज सेवानिवृत्त अधिकारी सुजान सिंह ने जिदगी के सफर में बेहद अहम पड़ाव तय कर लिया है। सेक्टर-आठ में रहने वाले सीनियर नेवल वेटरन सुजान सिंह ने जीवन के 101 वर्ष पूरे कर लिए हैं। लंबे समय तक नौसेना में सेवाएं देने वाले वयोवृद्ध सुजान सिंह को रिटायर होने के बाद शतक पूरा करने पर भी अधिकारियों ने सम्मानित किया था। अब फिर नौसेना अध्यक्ष की ओर से उन्हें भेंट भेजी गई और नौसेना अधिकारियों ने 101 वर्ष पूरा होने की उपलब्धिस्वरूप विशेष टोपी पहनाई। इस अवसर पर नौसेना अध्यक्ष ने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से जन्मदिन की बधाई भी दी।

कौन हैं सुजान सिंह

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मे सुजान सिंह के पिता उजागर सिंह विर्क भी फौज में ब्रिगेडियर रहे थे। सुजान सिंह ने कक्षा छह तक की शिक्षा तत्कालीन पाकिस्तान के पिड कड़ियाल चक सितारा जिला शेखपुरा में हासिल की थी। वे दो भाई थे। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते 18 अगस्त 1944 को सुजान घर से निकल पड़े और ट्रेन पकड़कर लाहौर आ गए। यहां सेना की भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए और सफल हो गए। सुजान ने अपने सेवाकाल में आइएनएस अकबर और बाम्बे थाने स्टेशन में भी कार्य किया। आइएनएस शिवाजी लोनावला में भी तैनात रहे। इसके अलावा आइएनएस कावेरी और आइएनएस कृष्णा में भी सुजान सिंह की सेवाओं को याद किया जाता है। 1947-48 में वह परिणय सूत्र में बंधे। 1964 में वह नेवी से सेवानिवृत्त हो गए थे।

सबसे वयोवृद्ध अधिकारी

नौसेना अधिकारियों के अनुसार सुजान सिंह पूरे देश में आज नेवी के सबसे वयोवृद्ध सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने अपने जीवन के 101 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उनके जन्मदिवस पर भारतीय नौसेना अध्यक्ष की ओर से स्पेशल अवार्ड और 50 हजार रुपये के चेक से सम्मानित करने के लिए भेजा गया है। गर्व का क्षण : विरेश

नौसेना के कमांडिग अधिकारी विरेश दास ने बताया कि नेवी में आज भी सरदार सुजान सिंह का पूरा सम्मान है। सेवानिवृत्त होने के बावजूद और इतनी उम्र में भी वह अभी तक स्वस्थ और तंदरुस्त हैं। 101 वर्ष की आयु होने पर उनके जन्मदिन पर सम्मानस्वरूप भारतीय नौसेना की ओर से विशेष अवार्ड दिया गया है। यह गौरव की बात है कि उनसे मुलाकात का मौका मिला है। आज भी सुजान सिंह में देश सेवा का जज्बा है। सुजान सिंह नेवी नहीं बल्कि पूरे समाज के आदर्श हैं। उन्होंने अपना जीवन देश सेवा में बिताया और अब देश सेवा के बाद अब वह समाज सेवा करते हुए 101 वर्ष जीवन के पूरे कर चुके हैं। 25 साल तक गुरुद्वारे में की सेवा

सुजान सिंह के बेटे एडवोकेट गुरजीत सिंह विर्क ने कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है। उन्होंने अपना सारा जीवन देश सेवा में लगा दिया। रिटायरमेंट के बाद से ही उनके पिता समाज सेवा में जुटे हुए हैं। 25 साल तक उनके पिता ने मेरठ रोड स्थित बड़ौली गुरुद्वारे में सेवा की। उन्हें जो पेंशन मिलती है, उसे समाज सेवा में खर्च करते हैं। अब पिता 101 साल के हो गए हैं। इसके बावजूद सुबह की सैर करना उनके लिए लाजिमी है। वह संगीत अकादमी भी चलाते रहे हैं। जिम्मेदारी से करें काम: सुजान

उम्रदराज होने के बावजूद सुजान सिंह आज भी देशसेवा की बात करते हैं। सुजान सिंह ने कहा कि समाज में प्रत्येक युवा को देश सेवा के लिए आगे आना चाहिए। आज उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्हें सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि नेवी और समाज में मिलने वाले प्यार से ही कमजोर नहीं हुए।

Edited By: Jagran