पटना, आनलाइन डेस्क। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने गुरुवार को यह आरोप लगाया कि जदयू का राजद में विलय हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र में मंत्री बनाए जाने को लेकर भी जदयू की तरफ से लगे आरोपों पर सफाई दी। आरसीपी सिंह के आरोपों पर सीएम नीतीश ने कहा कि अरे छोड़िए, ललन सिंह इस पर अच्छे से जवाब देंगे।

आरसीपी ने जदयू के विलय की कही बात

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने मशरक में गुरुवार को कहा कि नीतीश कुमार के जदयू का बहुत जल्द लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले राजद में विलय हो जाएगा। उन्होंने बार-बार पाला बदलने वाला कहकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। सवालिया लहजे में कहा कि आखिर वे अब कितनी बार पाला बदलेंगे। वे चार बार (1994, 2013, 2017 और 2022) पाला बदल चुके हैं। अब निश्चित है कि जदयू का राजद में विलय होगा। समय की जरूरत है कि राज्य को दोनों पार्टियों के बेमेल गठबंधन से मुक्त करने और बिहार को विनाश से बचाने के लिए बिहार के युवा एक साथ आएं, क्योंकि अब बिहार में जंगल राज की आहट सुनाई भी पड़ने लगी है।

'जल्द मिलेगी अच्छी खबर, थोड़ा इंतजार कीजिए'

आरसीपी सिंह ने कहा कि पार्टी से उनके बाहर होने के साथ ही जदयू के अंत की गिनती शुरू हो गई है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी राजद की गोद में बैठ गई है। भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं अभी पूरे प्रदेश का दौरा कर रहा हूं। इसके बाद कार्यकर्ताओं व समर्थकों से विचार-विमर्श कर निर्णय लूंगा। मशरक में महावीर चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत किया। आरसीपी अपने काफिले के साथ गोपालगंज जा रहे थे। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि आप सभी को यथाशीघ्र अच्छा समाचार मिलेगा। थोड़ी प्रतीक्षा कीजिए।

ललन सिंह ने बताया बीजेपी का एजेंट 

आरसीपी सिंह के आरोपों के बाद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का भी बयान सामने आया। ललन सिंह ने आरसीपी सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर रहते हुए बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे। वो पार्टी को कमजोर करने में लगे थे। लेकिन सीएम नीतीश कुमार ने उनको पहचान लिया। जिसके बाद उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया। ललन सिंह ने कहा कि हमलोग पहले से जान रहे थे कि उनका क्या प्लान है। उनको जदयू का इतिहास-भूगोल भी पता है क्या। वो नीतीश जी के स्टाफ थे। राजनीति की इच्छा जताई तो उन्हें मौका दे दिया गया। वो जदयू के बारे में कुछ नहीं जानते ।

Edited By: Rahul Kumar