सुनील राज, पटना। Bihar Cabinet Expansion: प्रदेश की नई सरकार में कांग्रेस (Congress) कोटे से भी दो नए चेहरों को जगह मिली है। कस्बा से विधायक अफाक आलम (Aafaque Alam) और चेनारी सुरक्षित से मुरारी गौतम (Murari Gautam) मंत्री बनाए गए। ये दोनों वे नेता हैं, जो पार्टी में लंबे समय से हैं, लेकिन आज तक पार्टी में इन्हें कोई विशेष तवज्जो नहीं मिली थी। 

दो बड़े नेता कर रहे थे दावेदारी 

जदयू के एनडीए से अलग होने और महागठबंधन की सरकार बनने के साथ ही कांग्रेस में मंत्री पद की रेस शुरू हो गई थी। पार्टी के दो बड़े नेता अपनी-अपनी दावेदारी लेकर दिल्ली में डटे हुए थे। वहीं प्रभारी को करीब नौ लोगों ने मंत्री पद के लिए अपना दावा दिया था। राजनीति के गलियारे में लगातार पार्टी के दिग्गजों के नाम मंत्री पद के लिए चर्चा में थे। इन नामों में प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा के साथ शकील अहमद, राजेश कुमार, प्रतिमा कुमारी दास के नाम प्रमुख थे। इन पुराने चेहरों को मंत्री बनाने के लिए पार्टी हाईकमान पर भी काफी दबाव बनाया जा रहा था। 

आलाकमान के फैसले से बिहार कांग्रेस में आक्रोश 

कहा जा रहा है कि पार्टी इस बार किसी नए चेहरे पर दांव लगाना चाहती थी। पार्टी के दो दिग्गज नेता भी नए चेहरों की वकालत कर रहे थे। बताया जा रहा है कि पार्टी की वरिष्ठ नेता और लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने आलाकमान को मुरारी गौतम को मंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था, जबकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर अफाक आलम की पैरवी कर रहे थे। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के सामने भी बिहार की स्थिति छिपी नहीं थी। नेतृत्व भी बिहार में नए प्रयोग को प्राथमिकता दे रहा था।

लिहाजा मीरा कुमार और तारिक के प्रस्ताव को तवज्जो दी गई। पुराने चेहरे जो पहले दिन से मंत्री बनने की जुगत में लगे थे और जिनके नाम का प्रस्ताव बिहार प्रभारी से लेकर दूसरे कई दिग्गज दे रहे थे, उन्हें दरकिनार करते हुए पार्टी ने दो नए चेहरों को मंत्री बनने का मौका दिया। आलाकमान के फैसले के बाद से बिहार कांग्रेस के अंदर पुराने नेताओं में आक्रोश है। हालांकि मसले पर अभी कोई भी कुछ कहने से बच रहा है। 

Edited By: Vyas Chandra