छतरपुर मध्य प्रदेश के ध्यानार्थ)) सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 वर्ष का कारावास

जागरण संवाददाता, महोबा : घर में घुसकर किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने दो दोषियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास व 30-30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड की अदायगी न होने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

एक ग्राम निवासी युवक ने 11 सितंबर 2018 को पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह मजदूरी करने पत्नी सहित दिल्ली गया था। सात सितंबर की शाम करीब चार बजे उसकी 14 वर्षीय पुत्री घर में थी। तभी पड़ोसी महिला सलमा ने षडयंत्र के तहत ऐजाद पुत्र सित्तू निवासी गुढ़ा खुर्द लवकुशनगर मप्र व एक अज्ञात युवक को उसके घर पर ले आई। अभियुक्तों ने चाकू दिखाकर उसकी पुत्री के साथ दुष्कर्म किया और घर में रखे जेवरात व 30 हजार रुपये नकद ले लिए। इसके बाद सलमा के सहयोग से पुत्री को बाइक से मुंह में कपड़ा बांधकर अगवा करके ले गए। बाद में पुत्री को महोबा में एक स्थान पर छोड़कर धमकाते हुए भाग निकले। जानकारी होने पर दिल्ली से माता पिता वापस लौटे। पीड़ित की तहरीर पर 11 सितंबर को आरोपितों ऐजाद, सलमा व एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में अज्ञात युवक की पहचान महेश कुमारर के रूप में हुई। पुलिस जांच में महिला दोषी नहीं पाई गई। न्यायालय ने 17 दिसंबर 2018 को आरोपित आजाद मोहम्मद उर्फ ऐजाद व महेश कुमार निवासी गुढ़ा खुर्द थाना लवकुशनगर जिला छतरपुर मप्र के विरुद्ध दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मामला विचरित किया गया। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश, पाक्सो अधिनियम संतोष कुमार यादव ने अपना फैसला सुनाया। पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि दोनों दोषियों में से प्रत्येक को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास व 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड की अदायगी न होने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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