संवाद सूत्र, मालेरकोटला

पशु पालन विभाग मालेरकोटला द्वारा गोशाला धूरी रोड मालेरकोटला में लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम व जागरूकता हेतु कैंप आयोजित किया गया। दुधारू पशु पालकों को फ्री दवाएं वितरित की गई। वहीं सेहतमंद पशुओं के गोट पाक्स की वैक्सीन लगाई गई।

सीनियर वेटनरी अफसर डा. मिश्र सिंह ने बताया कि यह बीमारी गायों में अधिक फैल रही है जिसका कारण चीचड़, मक्खी व मच्छर है। चमड़ी पर उभार, भूख कम लगना, तेज बुखार, दूध सुखाने जैसे लक्षण हो जाते हैं। मक्खी व अन्य कीटों से बचाव हेतु एक से दो फीसद साइपरमैथरन का घोल बनाकर स्प्रे करना चाहिए, फर्श पर डिस्इनफैक्ट करने के लिए एक प्रतिशत फोरमलीन या दो- तीन फीसद सोडियम हाइपोलोकराइट का स्प्रे किया जाए। वेटनरी डा. विक्रम कपून ने बताया कि देखभाल करते समय मास्क, हाथों पर सैनिटाइजर व दस्तानों का इस्तेमाल करना चाहिए। वेटनरी अफसर मालेरकोटला डा. विक्रम कपूर ने अपील की कि बाहरी व्यक्ति को पशु के पास जाने से रोका जाए, लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में संपर्क किया जाए, देसी टोटके न अपनाएं जाएं। इस मौके वैटनरी इंस्पेक्टर रमनदीप सिंह, विजय कुमार, पूर्व सरपंच जसविदर सिंह व अन्य स्टाफ मौजूद था। -------------------

एक गाय का 50 हजार मुआवजा देने की मांग

जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी की ओर से लंपी स्किन बीमारी से मरी गायों का 50 हजार रुपये प्रति गाय मुआवजे की मांग की है। कमेटी के नेता बिक्कर सिंह हथोआ, जगतार सिंह व गुरविदर सिंह ने बताया कि लंपी बीमारी घातक रूप धारण कर चुकी है। अब तक सैकड़ों पशुओं की मौत हो चुकी है। दुधारू पशु पालकों को घाटा पड़ रहा है। वह इतने समर्थ नहीं हैं, कि लाखों रुपये लगाकर नए पशु खरीद सकें। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों में 17 अगस्त को मुख्यमंत्री पंजाब के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

Edited By: Jagran