जागरण संवाददाता, पटना महागठबंधन की सरकार बनते ही आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन का पटना में जलवा दिखने को मिला है।  गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन बेखौफ होकर पटना की सड़कों पर घूमते नजर आए। उन्हें एक मामले में पेशी के लिए 12 अगस्त को कड़ी सुरक्षा के बीच सहरसा जेल से पटना कोर्ट लाया गया था, मगर जेल लौटने की बजाय वे पाटलिपुत्र कालोनी स्थित निजी आवास 166/बी पहुंच गए। यहां उन्होंने समर्थकों के साथ बैठक भी की, फिर दारोगा राय पथ स्थित विधायक कालोनी में गए। वहां विधायकों से मुलाकात करने के बाद वे कौटिल्य नगर चले गए।

इसका पर्दाफाश वायरल वीडियो और तस्वीरों से हुआ, जिसे उनके समर्थकों ने इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया था। बैठक के दौरान आवास पर उनकी पत्नी व पूर्व सांसद लवली आनंद एवं विधायक पुत्र चेतन आनंद भी साथ दिखे। हालांकि, वायरल वीडियो या तस्वीरों की सत्यता की पुष्टि दैनिक जागरण नहीं करता। इस संबंध में जब जेल महानिरीक्षक जितेंद्र श्रीवास्तव से संपर्क किया गया तो उनका मोबाइल बंद मिला। वहीं, एसएसपी डा. मानवजीत सिंह ढिल्लों ने अनभिज्ञता जताई है। बताया जाता है कि आनंद मोहन फार्च्यूनर गाड़ी से पटना पहुंचे थे। उनके साथ पुलिस की गाड़ी भी थी। 

जेल मैन्युअल का किया गया उल्लंघन

पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुरेश कुमार गुप्ता ने कहा कि अगर वायरल वीडियो सत्य है तो यह जेल मैन्युअल का उल्लंघन है। आनंद मोहन को सीधे कोर्ट में लाकर पेशी कराई जानी चाहिए थी। इससे पूर्व उन्हें कोर्ट हाजत में रखा जाता। यदि किसी कारणवश पेशी अगले दिन होने वाली थी तो उन्हें पटना जिले की जेल में रखा जाना चाहिए था। 

एसपी लिपि सिंह से रिपोर्ट तलब

एडीजी, पुलिस मुख्यालय जीएस गंगवार का कहना है कि मीडिया की खबरों से ही मुझे जानकारी मिली है। प्राथमिक जांच में पता चला कि वह सहरसा से आए थे, मगर उनके साथ पटना पुलिस नहीं थी। इस मामले की जांच कराई जाएगी। सहरसा एसपी लिपि सिंह से रिपोर्ट तलब की गई है, जो भी दोषी होंगे, उनपर कार्रवाई होगी।

Edited By: Rahul Kumar