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'जो दान नहीं बचा पाए वो पेपर कैसे बचाएंगे', अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर हमला

Published: Tue, 28 Jul 2026 03:49 PM (IST)

लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाले बिल पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने ...और पढ़ें

HighLights

  1. अखिलेश यादव ने लोकसभा में पेपर लीक बिल पर सरकार को घेरा।

  2. राम मंदिर चंदा चोरी से जोड़कर पेपर लीक पर सरकार पर हमला।

  3. छात्रों पर कार्रवाई को इमरजेंसी से जोड़ा, सरकार की निंदा की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में पेपर लीक रोकने वाले बिल पर चर्चा के दौरान मंगलवार को विपक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने इस राम मंदिर चंदा चोरी मामले से जोड़ते हुए कहा कि जो लोग दान नहीं बचा पाए वो पेपर कैसे बचाएंगे।

उन्होंने कहा, “मैं दूर से ही विरोध-प्रदर्शन देख रहा था। जीत के बाद जो नारे लगाए गए वे सरकार के खिलाफ थे। यह सरकार इस बात पर गर्व करती थी कि वह किसी के सामने नहीं झुकती लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि झुकती है सरकार झुकाने वाला चाहिए। जब सरकार परेशान होती है तो वह मांगें मान लेती है।”

'पीएम को बचाने के लिए प्रधान को हटा दिया'

अखिलेश यादव ने कहा, "यह पहला छात्र आंदोलन था जिसे अभिभावकों का भी समर्थन मिला। विपक्ष को डर है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरह पूरी सरकार को ही आउटसोर्स किया जा सकता है। सरकार ने भर्तियों में दलितों और पिछड़े वर्गों के अधिकार छीन लिए हैं।"

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "आपने प्रधानमंत्री को बचाने के लिए प्रधान को हटा दिया। मैं छात्रों के आंदोलन की तारीफ करता हूं। उन्होंने इस सरकार को भी लोकतांत्रिक बना दिया है, क्योंकि उन्हें विरोध-प्रदर्शन की इजाजत देनी पड़ी। हमने ऐसा समय भी देखा है जब यह सरकार लोगों को विरोध-प्रदर्शन तक नहीं करने देती थी।"

'सरकार ने इमरजेंसी के दिनों की दिलाई याद'

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए अखिलेश ने कहा कि इससे उन्हें इमरजेंसी के दिनों की याद आ गई। उन्होंने कहा, "मैंने इमरजेंसी नहीं देखी है लेकिन जो तब हुआ था वही हमने पिछले हफ्ते दिल्ली में देखा, जब छात्रों को नुकीली छड़ों और इलेक्ट्रिक बैटन से बेरहमी से पीटा गया और उन पर पैलेट गन से गोलियां चलाई गईं।"

नए कानून की जरूरत पर सवाल उठाते हुए एसपी प्रमुख ने कहा कि 2024 में सरकार के नया कानून लाने के बावजूद पेपर लीक नहीं रुके और अब सरकार को संशोधन लाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चंदे में कथित चोरी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि बीजेपी सरकार न तो चंदे की चोरी रोक पाई और न ही पेपर लीक। उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने राम मंदिर के चंदे की चोरी होने दी, वे ही पेपर लीक भी होने दे रहे हैं।"

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