इस्‍लामपुर (उत्‍तर दिनाजपुर) , जागरण संवाददाता। इस्‍लामपुर की एक महिला को प्रसव के बाद हालत खराब होने पर एक के बाद एक कर छह नर्सिंग हाेम ले जाया गया। कई जगहों से महिला मरीज को लौटा दिया गया। अंत में परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बीमार महिला को उसी निजी नर्सिंग होम के सामने लाकर विरोध प्रदर्शन किया, जहां उसका प्रसव कराया गया था। लोगों का गुस्‍सा देख डॉक्टर और नर्सिंग होम के अधिकारी नर्सिंग होम में ताला लगा कर फरार हो गए। घटना से नर्सिंग होम परिसर में तनाव फैल गया।  घटना शुक्रवार की रात उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर शहर के न्यू टाउन से सटे इलाके में हुई।  घटना की सूचना मिलते ही इस्लामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार छह अगस्त को परवीन खातून नाम की 25 वर्षीय एक महिला को प्रसव पीड़ा के बाद एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।  परिजनों का आरोप है कि इस्लामपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के एक डॉक्टर की सलाह पर परिजनों ने महिला को नर्सिंग होम में भर्ती कराया । परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने नर्सिंग होम के सिजर डिलीवरी करने के लिए  25 हजार रुपये की मांग की जिस पर परिवार के लोग राजी हो गए।  उसी दिन सिजर द्वारा महिला ने एक बेटे को जन्म दिया।  मगर सिजेरियन के बाद मां की शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी।  उस शाम उस डॉक्टर ने महिला को सिलीगुड़ी मेडिकल रेफर कर दिया।  परिजन जब उसे सिलीगुड़ी मेडिकल ले गए तो वहां के डॉक्टरों ने उसकी शारीरिक स्थिति देखकर उसे भर्ती नहीं किया। 

इसके बाद परिवार के सदस्य उन्हें बिहार के किशनगंज के एक निजी नर्सिंग होम में ले गए।  उन्हें भी वहां से भी लौटा दिया गया।  परिजनों ने महिला को सिलीगुड़ी के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया।  उस नर्सिंग होम में लगातार छह दिनों तक इलाज के बाद भी महिला की तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन वहां से छुट्टी लेकर इस्लामपुर के उसी नर्सिंग होम में ले आए, जहां प्रसव कराया गया था।  घटना की खबर मिलते ही महिला के परिजन जुटने लगे और नर्सिंग होम के सामने धरना प्रदर्शन करने लगे।  खबर मिलते ही इस्लामपुर पुलिस और स्थानीय तृणमूल नेता मौके पर पहुंचे।  वहीं स्थानीय तृणमूल नेता जावेद अख्तर ने भी गर्भवती महिला को ठीक करने की मांग उठाई है।

Edited By: Sumita Jaiswal