फतेहाबाद, जागरण संवाददाता। एक महीने पहले फतेहाबाद उपायुक्त ने अधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर आदेश दिए थे कि जिनके घर बेटी जन्म लेगी प्रशासन की टीम उसके घर जाएंगी। अब यह नियम 1 अक्टूबर से शुरू हो गया है। दरअसल अब जिसके घर में बेटी जन्म लेगी जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचने के साथ ही उसके हाथ में एक मिठाई का डिब्बा भी होगा। इसके अलावा बेटी की मां को 1100 रुपये भी दिए जाएंगे ताकि वो अपनी बेटी की परवरिश कर सके।

पिछले दो सालों से इस बार लिंगानुपात भी में भी हुआ है सुधार

यह फैसला इसलिए लगया गया है ताकि जिले का लिंगानुपात में सुधार हो सके। ऐसे में अब स्थानीय अधिकारियों को नियमों का पालन करना होगा। वहीं जिसके घर पर बेटी जन्म ली है तो संबंधित आशा वर्कर को इसकी जानकारी दे सकती है। जानकारी मिलने के बाद टीम उसके घर पर पहुंचेगी।

आगामी दिनों में दिखेगा असर

लोगों में धारणा होती है कि अगर लड़का जन्म लेगा तो अच्छा होगा। वहीं अब भी लोग लड़का जन्म पर पार्टी आदि भी करते है। जिस कारण लिंगानुपात में सुधार नहीं हो पा रहा था। ऐसे में जिला प्रशासन का यह प्रयास सराहनीय है। ऐसे में अब इस नियमों का लागू करने की जरूरत है। पिछले तीन महीनों से जिले का लिंगानुपात बेहतर रहा है। जून महीने में तो लिंगानुपात में प्रदेश में टाप पर रहा था। यहीं जुलाई महीने में भी लिंगानुपात 900 से पार रहा था। इसके लिए जिला प्रशासन की तरह से एक सराहनीय योजना शुरू की गई है। महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों को आदेश दे दिया है कि वो इसकी निगरानी रखे।

बेटी उत्सव के रूप में मनाया जाएगा दिवस

बेटी को जन्म को एक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। जिस घर में बेटी जन्म लें, उनके माता-पिता को प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा लड़कियों के लिए चलाई जा रही शिक्षा से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगा। वही टीम मौके पर जाकर वर्तमान में बेटी परिवार व समाज पर किसी प्रकार का बोझ नहीं है। यह ड्यूटी महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों की लगाई गई है। हर गांव में गर्भवती महिलाओं का डाटा होता है। ऐसे में निगरानी भी रहेगी कि किस घर में बेटी ने जन्म लिया है। जब टीम मिठाई लेकर जाएगी वहां पर गीत महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान 1100 रुपये भी दिए जाएंगे।

इस साल अच्छा रहा है लिंगानुपात

जिले का इस साल लिंगानुपात बेहतर रहा है। फतेहाबाद जिला जून महीने में लिंगानुपात में ओवरआल प्रथम रहा है। जून महीने में लिंगानुपात 987 रहा है। इस महीने 7561 बच्चों ने जन्म लिया। जिसमें से 3805 लड़के व 3756 लड़कियों ने जन्म लिया। जुलाई महीने में भी 960 लिंगानुपात रहा था। जिले में वर्ष 2018 में लिंगानुपात सबसे कम 893 दर्ज किया था। लेकिन पिछले साल 2021 में यह लिंगानुपात 898 दर्ज किया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी परेशान था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मंथन किया। आशा वर्करों व आंगनवाड़ी वर्करों को गांवों में सर्वे में लगाया गया। इसका असर अब देखने को मिला है और बेहतर सुधार देखने को मिला है।

अब जानिए किस वर्ष कितना रहा लिंगानुपात

वर्ष लिगानुपात

2015 894

2016 923

2017 912

2018 893

2019 924

2020 937

2021 898

2022 980

अब जाने 2022 में अब तक कितना रहा लिंगानुपात

वर्ष लड़के लड़कियां लिंगानुपात

जनवरी 741 700 944

फरवरी 761 696 914

मार्च 698 671 961

अप्रैल 524 546 1041

मई 589 641 1088

जून 537 542 1009

जिला उपायुक्त के अनुसार

करीब एक महीने पहले अधिकारियों की बैठक ली थी, जिसमें आदेश जारी किए थे। 1 अक्टूबर से यह नियम लागू हो गया है। ऐसे में अब जिस घर में बेटी जन्म लेगी वहां टीम पहुंचेगी और मिठाई का डिब्बा भी जाएगा। वहीं 1100 रुपये की प्रोत्साह राशि भी दी जाएगी।

----जगदीश शर्मा, उपायुक्त फतेहाबाद।

Edited By: Naveen Dalal

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