11 साल के बच्चे की हत्या के आरोप में अभियुक्त को फांसी की सजा

जागरण संवाददाता, चाईबासा : चाईबासा व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वनाथ शुक्ला की अदालत ने बुधवार को हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए अभियुक्त को फांसी व एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। चाईबासा कोर्ट के इतिहास में 24 साल बाद किसी अभियुक्त को फांसी की सजा सुनायी गयी है। अभियुक्त का नाम सुपाय चांपिया उर्फ चाड़ा है। वे मूलरूप से पश्चिमी सिंहभूम जिला के गुवा थाना अंतर्गत मुंडा टोली का रहने वाला है। घटना 23 अप्रैल 2022 की है। गुवा थाना में नुइया के मुंडा टोली निवासी जुएल पुरती ने अपने 11 साल के बेटे लक्ष्मण पुरती उर्फ मोटकून की हत्या के आरोप में सुपाय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी थी। पुलिस ने मामले में अनुसंधान शुरू करते हुए हत्या के आरोप में नुइया के 32 वर्षीय सुपाय चांपिया को गिरफ्तार किया था। अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आयी थी कि सुपाय चांपिया नदी में मछली पकड़ने के लिए विद्युत प्रवाहित जाल का इस्तेमाल करता था।

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कारो नदी में साथियों संग नहाने गया था लक्ष्मण, सुपाय ने गला दबाकर मार डाला :

23 अप्रैल के दिन लक्ष्मण पुरती अपने 4-5 साथियों के साथ कारो नदी में नहाने गया था। सुपाय ने लक्ष्मण को तालाब से जाल निकालने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। नदी में नहाकर लौटते समय रास्ते में उसे सुपाय चांपिया मिल गया। सुपाय लक्ष्मण और उसके साथियों को बिजली से मछली मारने के लिए कारो नदी ले गया।

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बिजली का तार नदी से निकालने से मना करने पर गुस्से में था सुपाय :

मछली मारने के क्रम में सुपाय ने लक्ष्मण व उसके साथियों को बिजली का तार नदी से निकालने के लिए कहा। यह सुनकर लक्ष्मण के सारे दोस्त वहां से भाग गये। लक्ष्मण ने भी नदी से तार निकालने से मना कर दिया। इस कारण सुपाय को गुस्सा आ गया। उसने लक्ष्मण की दम तक पिटाई की। फिर गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पकड़े जाने के डर से उसने लक्ष्मण के शव को कारो नदी में फेंक दिया।

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हत्या की वीडियो बनाकर लक्ष्मण के दोस्तों को दी थी धमकी :

सुपाय ने हत्या के समय की अपने मोबाइल पर वीडियो भी बनायी थी। उसने लक्ष्मण के साथियों को वीडियो दिखाकर धमकाया। कहा कि अगर किसी को भी इस हत्या के बारे में जानकारी दोगे तो लक्ष्मण की तरह तुम लोगों को भी मौत के घाट उतार दूंगा। पुलिस ने जब सुपाय को गिरफ्तार किया तो उसने हत्या की बात स्वीकार ली और शव को कारो नदी में फेंकने की जानकारी दी। पुलिस ने कारो नदी से शव बरामद कर अभियुक्त सुपाय को जेल भेज दिया था। बुधवार को जिला जज ने सुपाय को फांसी की सजा सुना दी। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी लोक अभियोजक ब्रजेश कुमार ने जिरह की। मामले के अनुसंधानकर्ता गुवा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह हैं।

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फांसी के फैसले को हाइकोर्ट में देंगे चुनौती : अधिवक्ता

बचाव पक्ष के अधिवक्ता डीएस हेस्सा ने कहा कि न्यायालय के फैसले से मैं और सुपाय चांपिया का परिवार स्तब्ध है। हत्या के आरोप में 10 साल, 15 साल, 20 साल से लेकर उम्रकैद तक का प्रावधान है मगर इस मामले में सीधे फांसी की सजा सुना दी गयी है। न्यायालय के फैसले से हम लोग संतुष्ट नहीं है। इस फैसले के खिलाफ हम लोग उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। फैसला सुनाते वक्त न्यायालय में सुपाय के परिवार वाले मौजूद नहीं थे। बीमार होने के कारण वो नहीं आ पाये। सुपाय की पत्नी व 4-5 बच्चे हैं।

Edited By: Jagran