भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता। Odisha Flood: बाढ़ को नियंत्रित करने के लिए हीराकुद जल भंडार (Hirakud water reservoir)  8 गेट को बंद किए जाएंगे। यह जानकारी विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना (Pradeep Jena)  ने दी है।

विशेष राहत आयुक्त ने कहा है कि जल भंडार के ऊपरी हिस्से में हुई भीषण वर्षा के बाद जलभंडार के जल स्तर लगातार बढ़ रहा था, जिसके लिए 34 गेट खोले गए थे उनमें से 8 गेट को कल सुबह नौ बजे तक बंद करने का निर्णय लिया गया है।

एसआरसी ने कहा है कि वर्तमान समय में नदी ने चिंता बढ़ा दी है। छत्तीसगढ़ में वर्षा हो रही है। ऐसे में हीराकुद के निचले इलाके में महानदी के पानी में तेल नदी का पानी आकर मिल रहा है, जिससे चिंता बढ़ गई है। एक दिन पहले तक तेल नदी से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी महानदी में आकर मिल रहा था।

हालांकि आज यह 5 लाख क्यूसेक हो गया है। जहां ऊपर से 9 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है, वहीं 5 लाख क्यूसेक नदी के पानी ने चिंता बढ़ा दी है। क्योंकि जब ये सभी पानी आपस में मिल जाते हैं, तो यह भयंकर बाढ़ का कारण बन सकता है। एसआरसी ने कहा कि भारी बाढ़ से बचने के लिए हीराकुद बांध के 8 गेट बंद करने का फैसला किया गया है।

1.20 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह कम

विशेष राहत आयुक्त ने आगे कहा है कि 8 गेट बंद करने से करीब 1.20 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह कम हो जाएगा। हम कल सुबह 9 बजे तक 8 गेट बंद कर स्थिति देखेंगे। हीराकुद जल भंडार का जलस्तर वर्तमान समय में करीब 621 फीट है।

8 गेट बंद करने के बाद मुंडली में 10.5/11 लाख क्यूसेक पानी बहेगा, नहीं तो 12.5 लाख क्यूसेक पानी बहेगा। मुंडली में वर्तमान समय में 9.1 लाख क्यूसेक पानी बह रहा है। एसआरसी ने कहा कि शम तक 11 लाख क्यूसेक पानी मुंडली में प्रवेश कर सकता है।

गेट बंद करने का फैसला पूरी तरह से तकनीकी

एसआरसी जेना ने कहा कि हीराकुद जल भंडार का जलस्तर बढ़ने के बावजूद गेट बंद करने का जो निर्णय लिया गया है उसका छत्तीसगढ़ के साथ कोई संपर्क नहीं है। उन्होंने कहा कि गेट बंद करने का फैसला पूरी तरह से तकनीकी है। यह प्रशासनिक निर्णय नहीं है। गेट बंद होने पर इसका असर 8 से 9 घंटे बाद होगा।

Edited By: Babita Kashyap