मेरठ, जागरण संवाददाता। 1982 से शुरू हुए सोतीगंज में वाहनों के कमेले पर 12 दिसंबर 2021 को ताला डाल दिया गया था। कमेले को बंद हुए नौ माह का समय हो चुका है। उसके बाद अभी तक सभी कबाड़ियों ने अपना धंधा नहीं बदला है। पुलिस की ओर से कराई निगरानी में सामने आया कि 150 कबाड़ियों ने अपना रोजगार बदला है, जबकि सोतीगंज में 800 दुकानें और 80 गोदाम संचालित हो रहे थे। सवाल है कि बाकी कबाड़ी काम बदलने के लिए किसका इंतजार कर रहे हैं। एसएसपी ने सभी कबाड़ियों की सर्विलांस के जरिए निगरानी करने के आदेश दिए हैं।

नौ माह पहले बंद हुआ कमेला

सोतीगंज बाजार में वाहनों का कमेला बंद हुए नौ माह का समय बीत गया है। अभी तक सभी कबाड़ियों ने अपना धंधा नहीं बदला है। एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया कि सीओ रुपाली राय ने टीम लगाकर सोतीगंज में वाहनों के कमेले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि अभी तक 150 दुकानदारों ने अपना रोजगार बदल दिया है, जबकि सोतीगंज में 800 के करीब दुकानें और 80 गोदाम बने हुए थे। 48 दुकानें पंजीकृत थीं। एसएसपी ने कहा कि बाकी दुकानदार और कबाड़ियों की सूची तैयार की जा रही है। देखा जा रहा है कि नौ माह का समय बीतने के बाद भी उक्त कबाड़ी क्या कर रहे हैं? उनका परिवार कैसे चल रहा है। कहीं दूसरे स्थानों पर वाहनों का कटान तो नहीं कर रहे हैं। उनकी निगरानी के लिए सर्विलांस की टीम को लगा दिया है। सर्विलांस के जरिए मुख्य कबाड़ियों पर निगरानी रखी जा रही है। एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया कि सोतीगंज में वाहनों का कमेला बंद होने से वाहन चोरी पर इसका काफी प्रभाव पड़ा है, इसलिए सोतीगंज में दोबारा से वाहन कटान का धंधा नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक मिला

सोतीगंज का कमेला बंद कराने वाले तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से नवाजा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह पदक एसएसपी को दिया है। सोतीगंज बाजार बंद होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा में मुद्दा बनाया था। उसके बाद सभी कबाड़ियों पर गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कर संपत्ति जब्तीकरण की गई।

ये है सोतीगंज का कबाड़ी बाजार

- 2500 मुकदमे सोतीगंज के कबाडिय़ों और वाहन चोरों पर दर्ज हैं।

- 321 मुकदमों की विवेचना जनपद के विभिन्न थानों में है।

- 50 कबाड़‍ियों को गैंगस्टर के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

- 05 कबाड़‍ियों की एक अरब से ज्यादा संपत्ति जब्त की जा चुकी।

- 400 वाहनों के इंजन पकड़े गए हैं।-150 कबाड़ियों ने रोजगार बदलकर दूसरा कारोबार शुरू किया।

 

Edited By: Taruna Tayal