नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। गुरुवार को इक्विटी बेंचमार्क ने अपने छह कारोबारी सत्रों की रैली को मामूली गिरावट के साथ बंद किया। शुक्रवार को आरबीआई की नीति बैठक के नतीजे से पहले निवेशकों ने बाजार में बहुत दिलचस्पी नहीं दिखाई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 51.73 अंक या 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,298.80 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 57,577.05 के निचले स्तर और 58,712.66 के उच्च स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 6.15 अंक या 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,382 पर बंद हुआ।

पिछले 6 लाभकारी कारोबारी सत्रों के बाद आखिरकार बाजार में गिरावट देखी गई। आरबीआई की नीति बैठक के परिणाम से पहले बैंकिंग और रियल्टी जैसे सेक्टर शुक्रवार को लड़खड़ा गए। कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के इक्विटी रिसर्च (रिटेल) के प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि यूरोपीय सूचकांकों ने धारणा को सपोर्ट किया।

सेंसेक्स पैक से एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड और कोटक महिंद्रा बैंक टॉप लूजर में रहीं। वहीं, सन फार्मा, नेस्ले, इंफोसिस, डॉ रेड्डीज, विप्रो और महिंद्रा एंड महिंद्रा प्रमुख लाभार्थियों में से थे। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म कंपनी जोमैटो के शेयर में 5 फीसद का उछाल दर्ज किया गया।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से सकारात्मक गति लेते हुए घरेलू बाजार लाभ के साथ खुला, जबकि यूएस-चीन संघर्ष पर चिंताओं ने निवेशकों को थोड़ा रक्षात्मक बना दिया, जिससे बाजार में भारी अस्थिरता आई। वहीं, कमजोर पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स (मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर की आर्थिक सेहत को मापने का एक इंडिकेटर) और व्यापार घाटे के आंकड़ों में भारतीय रुपये में गिरावट दर्ज की गई।

एशिया में सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग के बाजार हरे निशान में बंद हुए। वहीं, मध्य कारोबारी सत्रों के दौरान यूरोपीय शेयर बाजार ज्यादातर प्रॉफिट के साथ काम कर रहे थे। बता दें कि बुधवार को अमेरिकी बाजार काफी तेजी के साथ बंद हुए थे।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.28 प्रतिशत गिरकर 96.51 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध खरीदार बने रहे, क्योंकि उन्होंने बुधवार को एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार 765.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Edited By: Sarveshwar Pathak